कोरोना संकट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया ये कदम उठाने का सुझाव

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देश में कुछ दिनों से हा’लत बेहा’ल चल रहे है दरअसल कोरोना की वजह से देश भर में लॉक डाउन किया गया है. जिसकी वजह से देश भर में फं’से मजदूर अपने घरों में पहुँचने के लिए पला’यन कर दिए थे. जिसकी वजह से स्थि’ति ज्यादा ख़’राब हो गयी थी. हालातों को देखते हुए SC ने कुछ दिन पहले केंद्र सरकार को मजदूरों के आ’वाजाही को लेकर कार्यवाई करने के आदेश दिए थे. जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कहा है कि  वह ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ योजना अपनाने की संभा’वना पर विचार करे. क्योकि जो हाला’त इस वक़्त देश के अंदर चल रहें हैं उसको देखते हुए लोगों को खाने का सामान पर्याप्त मात्रा में मिल सके.

न्यायमूर्ति एनवी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने सोमवार को अपने आदेश में कहा कि हम केंद्र सरकार को इस समय यह यो’जना लागू करने की व्याव’हारिकता पर विचार करने और परि’स्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचि’त नि’र्णय लेने का निर्दे’श देते हैं. न्यायालय ने इसके साथ ही अधि’वक्ता री’पक कंसल ने कहा था कि लॉक डाउन के दौरान अलग अलग जगहों पर फं’से मज’दूरों और कामगा’रों के लिए इस योजना को शुरू करने का अ’नुरोध किया था.

बता दें ये जो याचि’का दा’यर की गई थी उसमे याचिका’कर्ता ने कोरोना वायरस महा’मारी के दौरान प्रवासी श्रमि’कों, ला’भार्थियों, राज्यों के नि’वासियों और पर्य’टकों के हि’तों की रक्षा करने और उन्हें रि’यायती खा’द्यान्न और सरकारी योजना के लाभ उपल’ब्ध दिलाने के लिए अस्था’यी रूप से एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना अपनाने के लिए न्यायालय से हस्त’क्षेप करने का अनु’रोध किया था. जिसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसके बारे में सुनवाई की और केंद्र सरकार को एक राष्ट्र और एक राशन कार्ड को लेकर विचार करने को बोला है. जाहिर है देश में अभी जिस तरीके के हा’लात बने हुए है उसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मज’दूर वर्ग पर ही पड़ रहा है.