टोक्यो पैरालम्पिक में सुमित अंतिल ने जीता गोल्ड, तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

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टोक्यो पैरालम्पिक में भारत के दमदार खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. जैवलिन थ्रोअर सुनील अंतिल ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. सुनील अंतिल ने आज यानि कि सोमवार को पुरुषों (एफ 64 वर्ग) के फाइनल मुकाबले में स्वर्ण पदक जीत देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है.

आपको बता दें कि, जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने 68.55 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीता. मालूम हो कि, इससे पहले शूटिंग में अवनि लेखरा ने भारत को गोल्ड जिताया.

बताते चलें कि सुमित ने पहले प्रयास में 66.95 मीटर का थ्रो किया जिसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 68.08 मीटर भाला फेंककर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा. सुमित ने लगातार प्रयास किया और पांचवी बारी में 68.55 मीटर का थ्रो कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया.

वहीं, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुमित अंतिल को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘हमारे एथलीट पैरालंपिक में लगातार चमक रहे हैं! पैरालंपिक में सुमित अंतिल के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन पर देश को गर्व है. सुमित को प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक जीतने के लिए बधाई. भविष्य के लिए शुभकामनाएं.’

बात करें सुमित की तो ये हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं. इनका जन्म 7 जून 1998 को हुआ था. सुमित जब सात साल के थे, तब एयरफोर्स में तैनात पिता रामकुमार की मौत हो गयी थी. छोटी उम्र में पिता का साया उठने के बाद मां निर्मला ने अपने बच्चों का पालन-पोषण किया. सुमित की मां निर्मला देवी के मुताबिक, सुमित 5 जनवरी 2015 की शाम को ट्यूशन से वापस आ रहा था, तभी सीमेंट के कट्टों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सुमित को टक्कर मार दी और सुमित बाइक से काफी दूर तक घसीटता चला गया जिसमें सुमित ने अपना एक पैर गंवा दिया, लेकिन हिम्मत कभी नहीं हारी जिसका नतीजा आज देखने को मिल रहा है.

मालूम हो कि, जैवलिन थ्रो में ही देवेंद्र झाझरिया ने रजत और सुन्दर सिंह गुर्जर ने कांस्य पदक जीता. वहीं बात करें अवनि लेखरा की तो इन्होंने भी कड़ी मेहनत कर मेडल अपने नाम किया. आपको बता दें कि, इनके पिता ने इन्हें काफी सपोर्ट किया. अवनि लेखरा ने महिलाओं की आर-2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में पहला स्थान हासिल करके स्वर्ण पदक जीता.