समोसा बेचकर ये युवक बना करोड़पति! गूगल की नौकरी छोड़कर शुरू किया था बिजनेस

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पकौड़ा तलने को लेकर देश में खूब बवाल कटक चूका है. पकौड़ा तलकर देश में कुछ नेता प्रदर्शन करते हैं..मतलब विरोध प्रदर्शन कि उनके पास रोजगार नही है…लेकिन अगर मन से तलते तो शायद वो भी मुनाफ कपाड़िया बन जाते हैं लाखो रूपये कमा रहे होते…
हर इंसान का सपना होता है कि जिन्दगी में उसके पास बहुत अच्छी नौकरी हो.अच्छी खासी सैलरी हो, अच्छा पैकेज हो..लेकिन ये सब मिलने के बाद भी अगर कोई इसे छोड़कर समोसा बेचना शुरू कर दें तो आप उसे क्या कहेंगे? पागल.’..सनकी …या कुछ और…
सबका सपना होता है गूगल जैसी कम्पनी में काम करना… यहाँ काम करने का मतलब होता है जिन्दगी को ठाठ से जीना..लेकिन क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि कोई व्यक्ति करोडो का पॅकेज छोड़कर भारत वापस आकर समोसा बेचे..लेकिन ऐसा हुआ है… सुनकर थोड़ा अजीब जरूर लगेगा, कि समोसा बेचने के लिए कोई शख्स गूगल की नौकरी कैसे छोड़ सकता है, लेकिन यह सच है। हम बात कर रहे हैं ‘द बोहरी किचन’ के मालिक ‘मुनाफ कपाड़िया’ की….जिन्होंने समोसा बेचने के लिए गूगल की नौकरी छोड़ दी.. सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि कि उनकी सालभर की कमाई 50 लाख से ज्यादा है….कपाडिया का समोसा इतना ख़ास है कि उनके इस समोसे की डिमांड पांच सितारा होटलों से लेकर बॉलीवुड में खूब अधिक है. मुनाफ अपना रेस्टोरेंट चलते हैं. समोसा तो ट्रेडमार्क है लेकिन उनके रेस्टोरेंट में और भी खाने पीने वाली चीजे मिलती है. वह कीमा समोसा और रान भी बनाते हैं, जिसकी डिमांड काफी ज्यादा होती है.


दरअसल मुआफ एमबीए की पढाई करने के बाद विदेश चले गये वो उन्होंने कई जगह पर इंटरव्यू दिए..बाद में उनकी जॉब गूगल में लग गयी… कुछ दिन तक काम करने के बाद मुनाफ ने भारत आकर कुछ और करने की सोची.. वे भारत वापस आये..मुनाफ कहते हैं कि उनकी माँ को टीवी देखना बहुत पसंद था. इसमें वे खाना बनाने वाले शो को खूब देखती थी. मेरी माँ खाना भी बहुत अच्छा बनाती थी. इसके बाद मैंने माँ के हाथ के बने खाने को कुछ लोगों को खिलाया तो लोगों को खूब पसंद आया है. मुनाफ को लगा कि वह अपनी मां से टिप्स लेकर फूड चेन खोलेंगे। मां के हाथ के खाने का जादू देखने के बाद ही उन्होने रेस्टोरेंट खोलने का प्लान बनाया और अपनी मां के हाथों का बना खाना कई लोगों को खिलाया जिसके बाद सबने उनके खाने की तारीफ की और तभी मुनाफ को बल मिला और वह इस सपने को पूरा करने में लग गए. आज मुनाफ का टर्नओवर करीब 50 लाख है जिसे वो 5 करोड़ तक ले जाना चाहते हैं.


तो आपने देखा कैसे गूगल जैसी बड़ी कम्पनी में काम करने वाला लड़का आज समोसा बेचकर लाखों रूपये कमा रहा है. वहीँ अपने ही देश में नेता समोसा और पकौड़ा बेचने वाले लोगों को शर्मिंदा कर रहे है. याद होगा पकौड़ा बेचने को लेकर देश में किस किस तरह की राजनीति सामने आई है. पकौड़ा और समोसा बेचना कोई पाप नही है…कमाई का जरिये है. धयान रखिये नौकरी से ज्यादा पैसा, दौलत आपको समोसा भी दिला सकता है. इसे मुनाफ ने साबित कर दिखाया है.
देश में रोजगार की कमी की गुहार है लेकिन इससे अच्छा स्वरोजगार हैं. देश का युवा आज नौकरी को लेकर परेशान है, भटक रहे हैं, भाग रहे हैं, सरकार को कोस रहे हैं..लेकिन वो अपने किसी छोटे बिजनेश के बारे में नही सोचता. और जो सोचता है वो बनता है मुनाफ!

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