बाप बना अंडरवर्ल्ड का शिकार, तो बेटे ने खड़ी कर दी दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनी

798

12 अगस्त 1997, को मुम्बई के अंधेरी पश्चिम इलाके में दिनदहाड़े एक हत्या होती है। जिसने न सिर्फ मुम्बई को बल्कि पूरे भारत को दहला के रख दिया। ये हत्या थी उस दौर के सबसे बड़े म्यूजिक कम्पनी T- सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की। गुलशन कुमार अपने बंगले के पास बने जितेश्वर महादेव मंदिर से पूजा करके निकले, और शूटर्स ने उनपर ये कहते हुए गोलियों की बौछार कर दी, कि बहुत पूजा कर ली अब ऊपर जाकर पूजा करना।


अंडरवर्ल्ड के इशारे पे हुई इस हत्या से पूरी मुम्बई सहम गयी। हत्या क्यों हुई किसने कराई, इस पर बात फिर कभी। ये बातें इसलिए आपको बताई क्योंकि हमारे आज के THE लीजेंड का जो किरदार है वो हत्या के बाद ही बना। आज THE लीजेंड के इस एपिसोड में हम उस लीजेंड की बात करेंगे। जिसको इस हत्याकांड ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया।
आज हम बात करेंगे गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार के बारे में। इतिहास में हमेशा एक तुलना की जाती है कि हैदर अली महान था या टीपू सुल्तान, लोगो मे मतभेद इस बात को लेकर कुछ लोगों को टीपू महान लगता है कुछ को हैदर अली। In the term of governance। इस पर भी बहस फिर कभी। लेकिन आज के इस एपिसोड के बाद आप भी सोचेंगे जरूर कि गुलशन कुमार महान थे या भूषण कुमार। In the turm of business।


गुलशन कुमार की हत्या के बाद सबने ये मान लिया था अब T-सीरीज खत्म हो गया। क्योंकि उनके भाई किशन कुमार को ज्यादा अनुभव नही था। और उनके बेटे भूषण कुमार उस वक़्त मात्र 19 साल के थे। 19 साल का एक लड़का जो कॉलेज जाता है। जो दोस्तों के साथ मौज मस्ती करता। जिसके पास महंगी गाड़ियां, और करोड़ों की पॉपर्टी हो। और जिसके बाप को एक दिन अचानक से अंडरवर्ल्ड ने जान से मार दिया हो, उससे ये उम्मीद करना कि वो टी-सीरीज जैसी कम्पनी का कर्णधार बनेगा। ये काफी बचकानी बात थी उस वक़्त तक। 
लेकिन इतिहास गवाह है, भूषण कुमार जिन्हें अपने पापा के बिजनेस का abcd भी नही पता था। उसने ठान लिया कि हर नही मानूंगा। जिस उम्र में लड़के अपनी गर्लफ्रेण्ड के पीछे भागते है। ऐसो आराम के पीछे भागते है। उस आदमी ने वो सब छोड़ दिया। अचानक से एक हँसमुख बच्चा एक जिम्मेदार और गम्भीर इंसान बन गया। कॉलेज छोड़ कंपनी जॉइन किया। सबसे पहले उन्होंने अपने पिता के मैनेजर को बुलाया और उनसे बोला, “आपको मेरे पापा के साथ काम करने का अनुभव मुझसे कहीं ज्यादा है, इसलिए आपसे मैं रिकवेस्ट कर रहा हूँ प्लीज कहीं जाइयेगा मत, मुझे सिखाइये हम एक परिवार की तरह काम करेंगे और पापा के जो सपने अधूरे रह गए है उन्हें मिल के पूरा करेंगे”
वो दिन था और आज का दिन भूषण कुमार कभी पीछे मुड़कर नही देखा। भूषण कुमार ने जब टी-सीरीज की कमान संभाली तब लोग उनपर भरोसा करने को तैयार नही थे। सबको लगता था इनसे ना हो पायेगा। इनमें वो लोग भी थे जिन्होंने काफी टाइम तक गुलशन जी के साथ काम किया था और वो लोग भी जिन्हें गुलशन जी ने बड़ा ब्रेक दिया था। ऐसे लोग भी अब टी-सीरीज और भूषण कुमार से कन्नी काटने लगे थे।


एक दो वाकया खुद भूषण कुमार ने ही बताया, कि जब राकेश रोशन रितिक रोशन को 2001 में लॉन्च कर रहे थे। “कहो ना प्यार है” से उस वक़्त म्यूजिक के राइट्स के लिए भूषण उनसे मिलने गए। तो राकेश रोशन ने ये कहकर मना कर दिया कि मेरे बेटे की लॉन्चिंग है, मैं रिस्क नही ले सकता। आप नए है, अभी आपको बहुत कुछ साबित करने की जरूरत है। हमने राइट्स HMV म्यूजिक को दे दिया है। आपको अब नही दे सकते।
भूषण वहाँ निकलते हैं और मन में ये सोचते हुए कि अब मैं कभी नही आऊंगा अब आप आएंगे चलकर मेरे पास। 
एक और वाकया बताते है सोनू निगम को लेकर। वही सोनू निगम जिनको पहला ब्रेक गुलशन कुमार ने दिया। एक एलबम है “दीवाना”  भूषण कुमार इसमें गाना गवाने के लिए सोनू निगम के पास गए, लेकिन सोनू निगम काफी नखरे करने लगे। मेरा कॉन्ट्रैक्ट है hmv के साथ मैं कैसे गा सकता हूँ आपके लिए। भूषण ने पुराने सम्बन्धो का हवाला दिया कि मेरे लिए ना सही पापा के नाम पर ही गा दीजिए। उन्होंने तो आपके लिए इतना कुछ किया है। इस बात पे सोनू थोड़ा एहसान जताने टाइप रेडी हुए गाने को, और गाये भी। आपको हैरानी होगी उस अल्बम का एक गाना इतना पॉपुलर हुआ कि सोनू निगम के कैरियर में चार चांद लग गया। उसे आज भी वो अपने शोज में गाते है। वो गाना था- “अब मुझे रात दिन तुम्हारा ही ख्याल है”.


भूषण कुमार आज एक सफल बिजनेस मैन है। गुलशन कुमार के जमाने मे जिस म्यूजिक इंडस्ट्री में टी-सीरीज का 65% नियंत्रण था आज वो बढ़ कर 90% हो गया है। जिस गुलशन कुमार को आउट साइडर कह कर म्यूजिक अवार्ड फंक्शन में बुलाया तक नही जाता था। आज बिना टी-सीरीज के कोई अवार्ड फंक्शन हो ही नही सकता। और ये सब करने का श्रेय जाता है one एंड only भूषण कुमार को। जिन्होंने आज भी गुलशन जी को अपने जेहन में जिंदा रखा है। उनका मानना है ये सब उनके पापा कर रहे हैं वो नही, इसलिए आज भी टी- सीरीज की फिल्मों में गुलशन कुमार प्रेजेंट्स ही लिख कर आता है। भूषण बताते ये परम्परा जारी रहेगी कंपनी ओन कोई भी करे, लेकिन नाम हमेशा गुलशन कुमार का ही रहेगा।


आज की तारीख में टी सीरीज दुनिया की सबसे बड़ी म्यूजिक कम्पनी बन चुकी है। दुनिया का सबसे बड़ा यू ट्यूब चैनल। टी सीरीज की सफलता को आप इस बात से आंकिए कि उनका कोर बिजनेस म्यूजिक बिजनेस अब ऑटो पायलट मोड पे आ चुका है। अब टी-सीरीज प्रोडक्शन हाउस पे फोकस्ड है। आशिक़ी , यारियां जैसी हिट फिल्मों की फ्रेंचाइजी है इनके पास और कई सफल फिल्मों के हिस्सा रहे है। भूषण कुमार को करीब से जानने वाले लोग बताते है। कि उनमें फिल्मों की बिजनेस की गजब की समझ है। वो कम बजट की फिल्मों पे ज्यादा दांव खेलते हैं। बड़ी बजट के फिल्मों के बजाय। 
खैर सफलता के इस चरम पायदान पर काबिज भूषण कुमार आपमे से बहुतों के लिए प्रेरणास्रोत हो सकते है। इसलिए हमने इनकी कहानी सुनाई। उम्मीद है आपको अच्छी लगी होगी।अब चलते चलते संक्षिप्त में इनकी प्रेम कहानी भी आपको सुना ही देता हूँ। बड़ी इंटरेस्टिंग है इनकी कहानी। खासकर इनके प्रपोज करने का अंदाज़। इनकी जो अभी पत्नी है दिव्या खोसला, उन्हें प्रपोज करने के लिए इन्होंने अपने एक दोस्त को भेजा कि जा भाई बता दे उसको मैं शादी करना चाहता हूं, एक साथ मे एक रिंग दी कि ये भी दे दियो। दिव्या के घर के नीचे अपनी गाड़ी लगाई और बेसब्री से दोस्त के लौटने का इंतज़ार करने लगे। फिर थोड़ी देर बाद वो दोस्त सीढ़ियों से आता हुआ दिखा। हड़बड़ी में भूषण ने उसे मैसेज किया भाई क्या बोली, लेकिन वो मैसेज जल्दबाजी में दिव्या को चला गया, और उधर से स्माइली के साथ रिप्लाई आया “हाँ बोली” ।