ये हैं वो सबूत जो लिं-चिंग को देते है जय श्री रा’म का झूठा तड़का

866

2014 के बाद हमरे देश में कुछ विशेष बुद्धिजीवियों ने और कुछ मीडिया गिरोह ने असहिष्णुता का राग अलापना शुरू कर दिया था कुछ लोगों को तो अपने ही देश में डर लगने लगा था ,सरकार बदलते ही अचानक से मुसलमान खतरे में आ गया था ..लेकिन जब वही सरकार बहुमत से दुबारा वापस आई तो इन विशेष लोगों ने सोचा की अब कुछ नया होना चाहिए देश में क्यों की पुराने पैतरे काम नहीं आ रहे है ..तो अब जय श्री राम के नाम पर आज कल हमारे देश में काफी बबाल मचा हुआ है, जय श्री राम के नारे अब बस लीचिंग से जोड़ दिया जाता है कि जबरन जय श्री राम के नारे लगवाये जाते है मुस्लिम समुदाय के लोगों  से और तो और उन्हें मारा पीता जाता है उनके साथ मोब लिंचिंग होती है.

Catch News

पर क्या आप जानते है है ,कि ऐसी कितनी ही घटना सामने आई है जिसमें जय श्री राम के नारे को लेकर या मोब लीचिंग के नाम पर सिर्फ झूठ बोला गया है समाज में जेहर घोलने के लिए ये अफवाएं फैलाई जाती है ..मामली से विवाद को हिन्दू मुस्लिम एंगल दे दिया जाता है और इसमें  आसानी से मुसलमान को डरा हुआ बता दिया जाता है.लेकिन आज हम बात करेंगे उन घटनाओं की जिन्हें लीचिंग और जय श्री राम के नारे पर खूब हईप मिली मीडिया ने भी इन्हें खूब अपने अपने ढंग से चलाया  पर बाद में महज ये झूठी अफवाएं निकली.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 5 जुलाई,2019 को कानपुर के एक ऑटो ड्राइवर जिसका नाम मोहम्मद आतिब था उस को ‘जय श्री राम’ के नारे न लगाने पर बुरी तरह पीटा गया था ,लेकिन जब पुलिस ने अपनी तफ्तीश में पाया कि मोहम्मद आतिब को ‘जय श्री राम’ ना बोलने पर पीटने वाली खबर गलत थी . मोहम्मद आतिब को तीन लोगों ने पीटा जरुर था लेकिन उसका ‘जय श्री राम का नारा लगाने या न लगाने से कोई लेना देना नहीं था.और तो और आतिब ने खुद इस बात से इंकार किया था कि उसे जिन लोगों ने मारा उन्होंने उसे कोई नारे लगाने को नहीं कहा था..आप यहाँ आज तक की रिपोर्ट का स्क्रीन शोर्ट भी देख सकते है.और आतिब के मुताबिक तीनों लोग नशे में थे और ऑटो पर न बिठाने पर उनकी तीनों आरोपियों से कहा सुनी हो गई जिसके बाद उन्हें को ईट पत्थर से बुरी तरह पीटा गया था ..पर एस घटना को हिन्दू मुस्लिम और जय श्री राम के नाम से जोड़ दिया गया था

source

दूसरी घटना 11 जुलाई की रात और 12 जुलाई की सुबह मदरसे के छात्रों को जय श्री राम का नारा लगवाने के नाम पर भड़का था बड़ा बवाल,पर बाद में पुलिस की जाँच पड़ताल में पाया गया कि खेल के मैदान में विवाद के बाद आपसी मारपीट की घटना हुई थी। पर एस घटना को भी जय श्री राम के नारे से जोड़कर सामप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गयी थी.

तीसरी घटना 28 मई, 2019 की है,ज्यादा पुरानी नहीं है, हम बात करे है गुरुग्राम में एक मुस्लिम युवक की टोपी फेंकने और उससे जबरदस्ती ‘जय श्रीराम’ बुलवाने का जो मामला सामने आया था ..पर इस मामले में भी नया मोड़ जब आया था,जब  मोहम्मद बरकत अली का दावा सीसीटीवी फुटेज से बिलकुल भी मेल नहीं खाया था , पीड़ित का दावा था कि 6 युवकों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन ‘जय श्रीराम’ के नारे लगवाए..लेकिन घटना को नया एंगल पुलिस की जांच में मिला कि शराब के नशे में धुत एक व्यक्ति दूसरी ओर से आ रहा था उस नशे में धुत युवक ने बरकत अली से हाथापाई तो की लेकिन न तो उसकी टोपी उतारी गई और न ही कपड़े फाड़े गए और ना ही किसी भी तरह के कोई नारे लगवाए गए .

चौथी घटना इसी साल में 29 जून 2019 में हुयी थी जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक मुसलिम युवक को जबरन जय श्री राम बुलवाते कुछ लोग दिखाई दे रहे थे . कोई वीडियो भी बना रहा था . वीडियो में उससे उठक बैठक करवाया जा रहा था . इसके बाद उसे पीटते है  और कहते हैं कि ममता बनर्जी का नाम मत लेना और कभी भी टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ कभी मत दिखना..इसका वीडियो वायरल होने के बाद कुछ पत्रकारिता के समुदाय के लोगों और लिबरल गैंग द्वारा इसे हेट क्राइम के तौर पर खूब भुनाया गया। लेकिन हकीकत चौकाने वाली सबके सामने आयी थी ,दरअसल जाँच के बाद पुलिस ने इस मामले में एक मुस्लिम शख्स को ही गिरफ्तार किया था .. और मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में आप्सी मियाँ नाम के शख्स ने असगर अली को जबरन जय श्री राम बोलने के लिए मजबूर किया था पर बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था .पर इसे भी बखूबी हिन्दू मुस्लिम एंगल दिया गया था .

29 जुलाई, यानी बीते ही कुछ दिनों की बात है ,जब उत्तर प्रदेश के चंदौली में खालीद नाम के एक लड़के के परिवार ने आरोप लगाया कि खालिद को जय श्री राम का नारा न लगाने के कारण जलाया गया . जबकि मामले ने मोड़ लिया और पुलिस जांच में सामने आया कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने अपनी आँखों से लड़के को खुद को जलाते देखा है . पुलिस का ये भी कहना है कि लड़के ने तीन अलग अलग बार घटना का तीन अलग अलग विवरण दिया जिस कारण जय श्री राम के नारे लगवाने के आरोपों पर शक होता है . चंदौली के पुलिस अधीक्षक का कहना है कि लड़के ने अपने बयान में जिस जगह पर होने की बात कही थी उन रास्तों के पुरे cctv फुटेज को खंगाला गया लेकिन लड़के के सारे बयान गलत साबित हुए..पर इस घटना को भी बेवजह हवा देकर हिन्दुओं को घेरने की और बदनाम करने की कोशिश की गयी थी .

वहीँ एक अन्य घटना 21 जून 2019 को दिल्ली से सामने आई थी जब एक मदरसा टीचर ने कुछ लोगों पर जबरन श्री राम बुलवाने का आरोप लगाया, उसके अनुसार उसके साथ मारपीट हुई और उसे जबरदस्ती जय श्री राम बोलने के लिए मजबूर किया गया, हालाँकि जब जांच शुरू हुई और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ हुई तो ये मामला पूरी तरह फर्जी पाया गया था और cctv में भी कोई सबूत नहीं मिला था इस घटना का लेकिन फिर भी इसे ऐसा परोसा गया था मीडिया समूह के द्वारा कि जैसे  हिन्दुओं ने मुसलमानों का जीना हराम कर रखा है..

खैर ये तो वो कुछ घटनाएँ है जिनको बड़े बड़े मीडिया गिरोह ने कवर किया था,इन घटनाओं के सामने आते ही बुद्धिजीवियों को और बड़े बड़े सेलेब्रिटी जिनको देश में डर लगता है,उन सभी को मुसलमानों को चिंता खाने लगी थी..बड़ी बड़ी वेबसाईंट ने हिन्दुओं का बढ़ता अत्याचार और भगवा आतंक देश में पैर पसार रहा है..आपने अपने आर्टिकल्स में पब्लिश करना शुरू कर दिया था..पर जब ये एक के बाद एक सारी ख़बरें झूठी निकली तो इन्होने मौन ब्रत धारण कर लिया था..कहना गलत नहीं होगा कि जत्ती या फिर लिंचिंग तो हिन्दूओं के साथ भी होती है,पर शायद इन लोगों का ध्यान सिर्फ मुसलमानों कीओर ही रहता है ..अगर इन से पुछा जाये कि ध्रुव त्यागी और अंकित सक्सेना की क्या गलती थी जिन्हें बेहरमी से बिना किसी वजह के मार दिया जाता है .पर उस पर ये गिरोह के लोग कुछ भो बोलने से परहेज करते है ..क्यों की अगर बोले और गलती से अपनी बातों में फस गए तो प्रोपेगंडा का काम कैसे चलेगा .

लिंचिंग को हम भी गलत मानते है चाहे किसी के साथ भी हो ..पर गुस्सा तो सिर्फ कुछ लोगों का सेलेक्टिव विरोध देख कर आता है..ये लोग अपनी रोटी सेकने और प्रोपेगंडा चलाने के चक्कर में समाज में जहर घोलने का काम करते है ,और अच्छे से रह रहे लोगों के बीच हिंसा फैलाते है..खैर लोगों ने अब दो मुह वालें लोगों को समझना शुरू कर दिया है..पर ये लोग आदत से मजबूर है अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आएंगे .. असहिष्णुता के बाद लीचिंग लाये ..फिर कुछ नया ढूंढ लायेंगे.