स्पेशल ट्रेन के लिए चंद मिनटों में ही बुक हो गए इतने करोड़ के टिकट, अगले 7 दिनों तक 82,317 लोग करेंगे सफ़र

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आज से रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया. कुछ चुनिन्दा रूटों पर 15 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला किया गया है. सभी ट्रेनें राजधानी दिल्ली को बड़े शहरों से जोड़ेगी. इसमें सफ़र करने के लिए सोमवार 11 मई को टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शुरू की गई थी. लॉकडाउन की वजह से जहाँ तहां फंसे लोग अपने अपने घर जाने के लिए इतने उतावले थे कि टिकट बुकिंग शुरू होने के चंद मिनटों में ही अगले 7 दिनों के लिए 16.15 करोड़ रुपये के टिकटों की बुकिंग हो गई. 45,533 पीएनआर जेनरेट हुए जिसके जरिये 82,317 लोग यात्रा अगले 7 दिनों तक यात्रा करेंगे. ये जानकारी रेलवे ने दी.

दिल्ली में यात्रियों की जांच करती पुलिस

जिन 15 जोड़ी ट्रेनों को चलने का ऐलान किया गया है वो सिर्फ एसी ट्रेनें हैं और ये देश लगभग सभी बड़े शहरों को राजधानी दिल्ली से जोड़ेंगी. इन ट्रेनों को डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, मडगांव, मुम्बई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी के बीच चलाया जाएगा. मंगलवार 12 मई को तीन रेलगाड़ियां नई दिल्ली से रवाना हो रही हैं, जो डिब्रूगढ़, बेंगलुरु और बिलासपुर पहुंचेंगी. दूसरी तरफ से हावड़ा, राजेन्द्र नगर (पटना), बेंगलुरु, मुम्बई मध्य और अहमदाबाद से एक-एक रेलगाड़ी रवाना होगी और 13 मई को दिल्ली पहुंचेगी.

कोरोना की वजह से लगभग 50 दिनों से ट्रेन के पहिये थमे हुए थे . इसबीच सिर्फ कुछ श्रमिक स्पेशल ट्रेन ही चली और वो भी 4 मई के बाद जिसके जरिये करीब 6.48 यात्रियों ने सफ़र किया. इनमे से अधिकतर प्रवासी मजदूर थे, जो लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही अपने अपने घर जाने को बेताब थे. स्पेशल ट्रेनों को चलाने के फैसले के बाद रेलवे ने स्टेशनों पर पुख्ता इंतजाम किये है. यात्रियों को 90 मिनट पहले स्टेशन पहुँचने को कहा गया है. वहां उनकी जांच होगी और बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही सफ़र की अनुमति दी जायेगी. इसके अलावा जिनके पास कन्फर्म टिकट है सिर्फ वही यात्री इन ट्रेनों में सफ़र कर पायेंगे. चलती ट्रेन में टीटीई को किसी का टिकट बनाने की अनुमति नहीं होगी. रेलवे ने टिकटें रद्द कराने का भी विकल्प दिया है. लेकिन ट्रेन चलने से 24 घंटे पहले तक ही टिकट रद्द करा सकते हैं. और इसमें सिर्फ 50 फीसदी रिफंड की ही व्यवस्था है.