वन्दे भारत एक्सप्रेस पर पथराव रोकने के लिए बनी स्पेशल टीम्स

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दोस्तों आपने दिल्ली से वाराणसी सिर्फ नौ घंटे चालीस मिनट में पहुँचने वाली ट्रेन 18 यानी वन्दे भारत एक्सप्रेस का नाम तो सुना ही होगा. इस ट्रेन का commercial रन 17 फ़रवरी 2019 से शुरू हो गया है. इस ट्रेन के शुरू होने के बाद ट्रेन पर पत्थर बाजी घटना देखने को मिली थी. रेलवे ने बुधवार को सेमी हाई स्पीड ट्रेन वन्दे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर बाजी रोकने के लिए जीआरपी और RPF कि स्पेशल team का गठन किया.

दरअसल, बीते रविवार नई दिल्ली से वाराणसी जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर कुछ लोगों ने कानपुर से आगे बढ़ते ही अचानक पथराव करना शुरू कर दिया. ट्रेन चालक की ओर से वाराणसी जीआरपी में मुकदमा दर्ज कराया गया था. लेकिन इस घटना के बाद से आरपीएफ, जीआरपी समेत स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे.

रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी की स्पेशल team प्लेन कपड़ों में होगी और वे उन गाँव वालो से मिलेंगे जहाँ-जहाँ वन्दे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर बाजी हुई थी. रेलवे एसपी हिमांशु कुमार ने कहा कि कानपुर से वाराणसी तक रेलवे पुलिस निगरानी रखेंगे जिससे वन्दे भारत एक्सप्रेस पर कोई पथराव न हो.

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई दोषी पाया गया तो दोषियों को CRPC के तहत सजा मिलेगी. पहली बार पकड़े जाने वाले उपद्रवियों को सेक्शन 107 और 116 के अंदर सजा मिलेगी जिसमें दुर्व्यवहार न करने का एक बांड sign करना पड़ता है. लेकिन अगर एक व्यक्ति दोबारा ऐसा अपराध करता है तो उसके बाद उसे कड़ी सजा भी दी जा सकती है.

टीमों का गठन थाना लेवल पर और चौकी लेवल पर किया जायेगा. थाना लेवल पर हर team में एक सब-इंस्पेक्टर, दो हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल होंगे. वही चौकी लेवल पर एक हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल होंगे.

हिमांशु kumar ने आगे कहा कि सभी टीम्स रेड अचानक मरेंगी जिससे ट्रेन पर पथराव करने वाले ऐसा न करें. उन्होंने आगे बताया कि हमने कुछ दिन पहले ही सिर्फ दो team इस काम के लिए लगाई हैं जिसका असर ये है कि पिछले कुछ दिनों में ट्रेन पर पथराव कि कोई घटना नहीं हुई है.

वहीं 12 मार्च को पुलिस ने फतेहपुर जिले से 22 साल का शख्स, जिसने ये दावा किया कि उसने टारगेट प्रैक्टिस के लिए ट्रेन पर पथराव किया था, उसको गिरफ्तार भी कर लिया है. तहकीकात में ये बात सामने आई कि इस शख्स ने अपने दोस्तों के साथ शर्त लगाने के चलते ट्रेन पर पथराव किया था. इस घटना से कुछ लोगों कि मानसिकता का पता चलता है जो पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुँचाने में एक बार भी नहीं सोचते. सिर्फ मस्ती या शौक के लिए भारत कि इतनी बड़ी उपलब्धि पर पत्थर फेंकना गलत है.

वंदे भारत ट्रेन पर पथराव की यह पहली घटना नहीं थी. इससे पहले भी इटावा और फतेहपुर के खागा में भी पत्थरबाजों के निशाने पर ये ट्रेन आई थी जिससे दो कोच के शीशे टूट गए. इस घटना से यात्री भी डर गए थे.

इससे पहले 11 मार्च को भी ट्रेन पर पथराव हुआ. यही नहीं, इस महत्वाकांक्षी ट्रेन के ट्रायल रन के दौरान ही इसे पत्थरबाजों के हमले का सामना करना पड़ा था. दो फरवरी को ट्रायल के दौरान ट्रेन जैसे ही दिल्ली में शकूरबस्ती वर्कशाप से आगे बढ़ी थी, उस पर कुछ लोगों ने पत्थर फेंक दिए जिससे ट्रेन को काफी नुकसान हुआ था. उससे पहले पिछले साल बीस दिसंबर को इसके पहले ट्रायल रन के दौरान भी पथराव हुआ था.

आपको ट्रेन की खासियत भी बताते चलते हैं इस ट्रेन में मेट्रो की तर्ज पर यात्री डिब्बे के एक हिस्से में इंजन लगा हुआ है. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्री ड्राइवर केबिन को अंदर से देख सकते हैं. साथ ही ये ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है. इसमें सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई, इंफोटेनमेंट समेत अन्य कई सुविधाएं भी मिलेंगी. इसके प्रत्येक कोच में 52 सीट होंगी, वहीं सामान्य कोच में 78 सीटें होंगी.

बता दें कि 100 करोड़ की लागत वाली इस ट्रेन में यात्रा के दौरान वाई-फाई, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, स्पर्श मुक्त जैव शौचालय, एलईडी लाइट, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और उपस्थित यात्रियों और मौसम के अनुसार तापमान को कम ज्यादा करने में सक्षम मौसम नियंत्रण प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी.