नेशनल हेराल्‍ड मा’मले में सोनिया गाँधी की बढ़ी मुश्किले, ED ने ज’ब्त की कांग्रेस के इस बड़े नेता की संपत्ति

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कोरोना काल में देश के तो हालत ख़राब चल ही रही हैं. लेकिन इसके बीच कांग्रेस की भी मुसीबत बढती हुए नजर आ रही हैं. नेशनल हेराल्ड को लेकर कांग्रेस कि अंतरिम अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी पर गा’ज गिर सकती हैं. गाँधी परिवार के अलावा कांग्रेस के दिग्गज नेता भी इस लिस्ट में शामिल हैं.

कांग्रेस प्रमोटेड एसोसिएटेड जर्नल्‍स लिमिटेड (AJL) और पार्टी के कद्दावर नेता मोतीलाल वोरा की संपत्ति कु’र्क करने का ऑर्डर आ चूका हैं. प्रवर्तन दिनेशालय की ओर से जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग के एक के’स में यह ऐक्‍शन लिया गया ह. कु’र्क की गई 16.38 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी में मुंबई की 15 हजार स्‍क्‍वायर फ‍िट में फैली एक नौ मंजिला इमारत शामिल है. ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) ऐक्‍ट के तहत यह अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है.

ED ने कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं पर पिछले साल चार्जशीट दखिल की थी. इसमें मोतीलाल वोरा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी शामिल हैं. इन दोनों नेताओं पर आ’रोप है कि इन लोगों ने हरियाणा के पंचकूला के सेक्टर छह में प्‍लॉट नंबर सी-17 की खरीदने और कब्जे से जुड़ी प्रक्रिया में ये दोनों नेता प्रत्यक्ष तौर पर शामिल थे इसलिए इन दोनों के नाम उस चार्जशीट में दाखिल किये गए हैं. जब उस प्लाट की जांच हुए तब पता चला कि उस  प्‍लॉट को AJL को साल 1982 में आवंटित किया गया.इसके बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और एस्टेट अधिकारी हुड्डा ने 30 अक्टूबर 1992 को वापस ले लिया था. उसका कारण ये था कि AJL ने हुड्डा ने ऑफर लैटर पर जो शर्ते मानने को कही वो AJL ने नहीं मानी थी इसलिए उसको हुड्डा ने वापस ले लिया था.

आपको बता दें कि AJL पर गाँधी परिवार का कण्ट्रोल है और मोतीलाल वोरा इसके डायरेक्टर हैं. नेशनल हेराल्ड के’स में गाँधी परिवार फं’सा है. उसको यही AJL चलाता है. नेशनल हेराल्ड के अखबार है जिसको 1939 में नेहरु ने शुरू किया था. उसके बाद एक कंपनी 1956 में बन गई जिसका नाम रखा गया AJL. लेकिन 2008 आते आते इस कंपनी का पब्लिकेशंस को बंद कर दिया गया था. इसको बंद करने का कारण था कि इस कंपनी पर 90 करोड़ का क’र्ज था. शायद इसलिए कांग्रेस ने इसको बंद कर दिया क्योकि कांग्रेस की फितरत है की हर चीज़ में घप’लेबाजी करना.