सोनिया गांधी को पसंद नही आयी मोदी जी की ये बात, चिट्ठी लिखकर जताया गुस्सा

अक्सर हम लोग देखते है कि कई बार ये चीजे होती ही है कि पक्ष और विपक्ष के लोग आपस में कई बातो में सहमत नही होते है और जब ऐसा होता है तो फिर आपस में रोष जताया ही जाता है और इस तरह की चीजे एक नही बल्कि कई बार आती रहती है. अब हाल ही की बात ही ले लीजिये एक बात है जिसको लेकर के कांग्रेस पार्टी पीएम मोदी और सत्ता में बैठी हुई बीजेपी से थोड़ी सी उखड़ी हुई नजर आ रही है. पूरा मामला क्या है चलिए वो हम आपको बताते है.

18 से ऊपर सभी लोगो को भी फ्री टीका मिले, जिम्मेदारी से पल्ला न झाडे सरकार
सोनिया गांधी ने अभी हाल ही में लिखे पत्र में कहा है कि आपकी जो वैक्सीन देने की नीति है वो भेदभाव से भरी हुई है. एक ही टीके की अलग अलग जगह पर कीमत होने की इजाजत भला सरकार कैसे दे सकती है? अब ऐसा वक्त जब देश मुश्किल में है, ऑक्सीजन और बेड्स की कमी चल रही है ऐसे वक्त में सरकार मुनाफ़ा खोरी की इजाजत कैसे दे सकती है? सोनिया गांधी ने सभी के लिए एक तरह से फ्री में टीका देने की मांग की है.

हालांकि सरकार का इस पर कहना है कि हम अपनी तरफ से जितने लोगो को मुफ्त दे सकते है वो कर ही रहे है, फिर राज्य की सरकारे जैसे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी अभी के लिए राज्य की सरकारों ने टीके मुफ्त में लगाने की घोषणा कर दी है. वही ऐसे लोग जो प्राइवेट हॉस्पिटल में जाकर के टीका लगायेंगे उनको तो फिर पैसा देना ही पड़ेगा न, क्योंकि निजी डॉक्टर और निजी कम्पनियां अगर सब मुफ्त में करेगी तो फिर उनका घर परिवार कैसे चलेगा? यानी क्या सोनिया गांधी को ये मालूम नही है कि राज्य की सरकारे भी अपनी तरफ से अब फ्री में टीका ही देने की बात कर रही है, तो लोगो पर शुल्क कैसे लगेगा? कुछ हक राज्यों को देने की बात चल रही थी वो ही तो दिया गया है.

हाँ इतना है कि अभी के लिए सरकारी अस्पतालों में लोग जायेंगे वहां पर केंद्र और राज्य की सरकारे अधिकतर जगहों पर मुफ्त ही दे रही है और गरीबो के लिए तो चीजे मुफ्त की ही जा रही है, ऐसे में अगर कुछ अमीर आगे चलकर के निजी अस्पतालो में सुविधाओं के साथ में टीके लेंगे तो वो पैसे चुका भी दे तो क्या फर्क पड़ता है?

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