शपथ लेने वाले सांसद को सोनिया गाँधी ने क्यों लगाईं फटकार?

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देश को नई सरकार मिल गयी है. संसद का सत्र भी शुरू हो चूका है. सत्र शुरू होने के पहले और दुसरे दिन चुनकर आये सांसदों को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई गयी. सांसद अपने अपने धर्म.. अपने अपने क्षेत्र और अपने अपनी पार्टी के अनुसार शपथ लिए हैं. शपथ में खासतौर पार भाषाओं का भी ध्यान रखा गया.. किसी ने हिंदी तो किसी ने इंग्लिश में किसी ने उर्दू में तो किसी ने संस्कृति में.. तो किसी ने अपनी राज्य भाषा के हिसाब से शपथ ग्रहण की.. लेकिन केरल के एक कांग्रेस के सांसद को हिंदी में शपथ लेना भारी पड़ गया . फटकार सुननी पड़ी है. डांट पड़ी है. जी हाँ सही सुन रहे हैं आप


दरअसल लोकसभा में जब नए सदस्यों को शपथ दिलाई जा रही थी तब कोई जय श्री राम के नारे लगा रहा था तो कोई भारत माता की जय बोल रहा था.. कोई वन्दे मातरम को इस्लाम के खिलाफ बता रहा था तो कोई अल्लाह हू अकबर बोल रहा था. इसको लेकर खूब बवाल हुआ.. लेकिन सबसे अधिक चर्चा इस समय हो रही है हिंदी में शपथ लेने वाले संसद को मिली फटकार की खबर
दरअसल केरल से चुनकर आये सांसद कोडिकुन्निल सुरेश ने सोमवार को हिंदी में शपथ लेकर सभी को चौंका दिया था और उनके इस कदम की कई सांसदों ने मेज थपथपाकर तारीफ की थी. लेकिन यही उनके लिए मुसीबत भी बन गया.. आपको बता दें कि हिंदी में शपथ लेने के बाद सुरेश को सोनिया गाँधी ने तलब कर लिया और उन्हें जमकर झाड़ यानी फटकार लगाई. खबर के मुताबिक़ सुरेश के इस कदम के बाद केरल से चुने गए सभी कांग्रेस सांसदों को सोनिया गांधी ने मलयालम में शपथ लेने की हिदायत भी दी. सुरेश ने प्रधानमंत्री मोदी के बाद शपथ लेने वाले सांसद थे.. उन्होंने शपथ लेने के बाद पीएम मोदी के दुसरे कार्यकाल की बधाई भी दी थी.


सुरेश 17वीं लोकसभा में मावेलीकारा सीट से सांसद चुने गए हैं. केरल के ही वायनाड से राहुल गाँधी सांसद चुने गये हैं. राहुल गाँधी ने अंग्रेजी में शपथ ली लेकिन जब सुरेश ने हिंदी में शपथ लेना शुरू किया तो एक बार तो सब चौंक गये लेकिन बाद में सबने मेज थपथपाकर सुरेश के इस कदम का स्वागत किया.. इसमें खुद प्रधानमंत्री मोदी और राजनाथ सिंह शामिल थे. हालाँकि एक खबर के मुताबिक़ जब शपथ लेने के बाद सुरेश से जब सोनिया गाँधी ने इसका कारण पुछा तो इसके जवाब में कोडिकुन्निल ने मीडिया को बाहर निकलकर बताया, “सोनिया गांधी ने पूछा था कि मैंने हिंदी में शपथ क्यों ली? मैंने पिछली बार अंग्रेजी में शपथ ली थी, तो इस बार मैंने सोचा कि कुछ बदलाव करते हुए हिंदी में शपथ लेते हैं.”


एक वेबसाइट के मुताबिक़ सोनिया गाँधी के इस कदम के बाद केरल के दो सांसद राजमोहन उन्नीथन और वीके श्रीकांतन ने भी हिंदी में शपथ लेने की सोची थी लेकिन सोनिया गांधी की आपत्ति के बाद उन्होंने अपना विचार बदल लिया था. कोडिकुन्निल सुरेश छठवीं बार सांसद बने हैं. वे एक गरीब परिवार में जन्मे थे और 1989 में पहली बार सांसद बने. राज्य मंत्री रह चुके हैं केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) का कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं साथ ही वे ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव भी हैं.


हालाँकि सोनिया गाँधी को हिंदी में शपथ लेने वाले सांसद से क्या आपत्ति थी इस बात को तो अब वहीँ बता सकती हैं. लेकिन हिंदी पर इतनी आपत्ति क्यों? खुद सोनिया गाँधी हिंदी में शपथ लेती हैं और राहुल गाँधी इंग्लिश में… प्रधानमंत्री मोदी हिंदी में शपथ लेते हैं और हर सांसद अपनी अपनी भाषा में शपथ लेता है जिस भाषा में उसे सहूलियत या अच्छा लगता है. तो क्या इसमें सोनिया गाँधी की आपत्ति के पीछे कोई बड़ा कारण है?