दोस्त और मां के बीच थे अवैध संबंध, बेटे ने किया विरोध तो घोंट दिया गला

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रिश्तों में कुछ चीजें बड़ी ही मैटर करती है …जैसे भरोसा जैसे मर्यादा.. चाहे रिश्ता दोस्ती का हो या फिर खून का..उनको बंधे रखता है विश्वास..पर कैसा लगेगा जब आपका खून का रिश्ता और दोस्त मिलकर आपको धोखा दे रहे हो…चालिए तो बिना देर कर आपको बताते है एक सनसनी खेझ घटना की कहानी जिसमे 8 बच्चों में एक अकेले बेटे को … उसकी माँ और दोस्त ने मिल कर बेरहमी से मार डाला और कारण था ,उनके आपस में अवैध सम्बन्ध ..दिवंगत रवींद्र और अजित दोनों अच्छे दोस्त थे..और अजित काफी समय से उन दोनों के साथ रह रहा था….रविन्द उसे अपनी फैमिली का ही हिस्सा मानता था …

लेकिन वो नहीं जनता था कि उसके दोस्त और उसकी माँ के बीच में किस तरह नजदीकियां बढ़ रही है ..उसको कई बार शक भी हुआ …और शक को लेकर इन तीनो के बीच कई बार लड़ाई भी हुई…. मगर रात को ये तीनों मिल बैठकर नशा करते थे और अगले दिन मामला शांत हो जाता था… और रविवार की सुबह भी कुछ ऐसा ही हुआ…जब रवींद्र ने अजीत और अपनी मां को अवैध अवस्था में देखा और झगड़ा इतना बढ़ गया …कि अजीत और सुभद्रा ने मिलकर रवींद्र को डंडे से मारा-पीटा और फिर उसके सिर पर ईंट से भी कई वार किए…. और गमछे से उसका गला भी घोंटा गया… जब रवींद्र बेहोश हो गया तो दोनों घबरा गए और नोएडा के सेक्टर-15 से एक ऐम्बुलेंस बुलाई….. उसे लेकर जब घर पहुंचे तो ऐम्बुलेंस का ड्राइवर समझ गया कि ये मर्डर का मामला है…

उसने पुलिस को बुलाने के लिए कहा, तो दोनों आरोपी वहां से भाग गए…उसके बाद एक जागरूक नागरिक होने के कारण ऐम्बुलेंस के ड्राइवर ने पुलिस को कॉल कर सारी इनफार्मेशन दी .. उधर सुभद्रा और अजीत भाग कर अपनी बेटी के घर आजादपुर पहुंचे….और सुभद्रा नेअपनी बेटी से झूठ कहा कि.. रवींद्र की ऐक्सिडेंट में मौत हो गई है…. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनके घर पहुचने से पहले घर में पुलिस मौजूद थी….अजीत फिर एक बार वहां से फरार होने की कोशिश की . लेकिन पुलिस ने उन दोनों को धर-दबोचा….. पुलिस को ये पता चला कि सुभद्रा का तीन महीने का बेटा भी है, जिसे उसने आजादपुर में रहने वाली अपनी बेटी को दे रखा था … लेकिन पूछताछ के दौरान पता चला कि वह बच्चा सुभद्रा और अजीत का ही था….इस पूरी घटना को बताने के बाद मै निशब्द हूँ …स्तब्ध हूँ क्या कहू कुछ समझ में नहीं आ रहा है …कोई इन्सान हवस में इतना अन्धा कैसे हो सकता है …कि हैवानियत की सारी हदें पार कर जाये …हमने जब ये खबर सुनी है ..तब से लेकर अब तक 20 बार सोचा …कि आपको बताया जाये की ना बताया जाये …क्यूंकि हम ऐसी घिनोनी ख़बरों को बढ़ावा नहीं दे सकते… लेकिन फिर हमने सोचा समाज पे कलंक ऐसे दरिंदो की दरिंदगी को आपको बताया जाये… ताकि अपने आस पास ऐसे किसी भी हैवानियत से सतर्क और सुरक्षित रह सके.