अपने देश में एक ऐसा गैंग/गिरोह है जो खाता तो भारत का हैं लेकिन उन्हें सहानुभूति पाकिस्तान से रहती है. अपने देश में पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा सुनना उन्हें अच्छा लगता है. पाकिस्तान के लिए उनके दिल में एक नर्म कोना है. ऐसे लोगों को भारत में लिबरल या वामपंथी कहते हैं. उन्हें दर्द तब नहीं होता जब पाकिस्तान हमारे देश में आ’तंक’वाद फैलाता है. बल्कि उन्हें दर्द तब होता है जब हमारी सरकार और सेना पाकिस्तान को सबक सिखाती है. उन्हें दर्द तब नहीं होता जब पाकिस्तान अपने यहाँ हिन्दुओं का उ’त्पी’ड़न करता है, बल्कि उन्हें दर्द तब होता है जब भारत ऐसे पीड़ितों की मदद करता है.

ऐसे ही लोगों में से है रेडियो मिर्ची की एक RJ. आप उन्हें भली भाँती जानते होंगे क्योंकि हर रात 9 बजे वो पुरानी जींस ले कर आती है रेडियो पर. लेकिन रेडियो पर मीठी मीठी बातें करना अलग चीज है और सोशल मीडिया पर अपना एजेंडा चलाना अलग बात है. सायेमा ने पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाली अमूल्या का बचाव किया है.

सायेमा ने ट्वीट कर कहा, क्या अगर मैं अमेरिका जिंदाबाद का नारा लगाती हूँ क्या ये देशद्रोह है?’ उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जाये जो दुसरे देशों के प्रति नफरत की भावना भड़काते हैं.

बड़ी दिलचस्प बात है कि रेडियो पर मीठी मीठी बातें करने वाली RJ पाकिस्तान और अमेरिका को एक ही तराजू में रख कर तौलती है. अगर सायेमा मैडम से ये पूछा जाए कि क्या अमेरिका ने भारत के खिलाफ चार लड़ाइयाँ लड़ी है? क्या अमेरिका ने भारत में 26/11 और पुलवामा करवाया? क्या अमेरिका ने आधा कश्मीर हड़प लिया? क्या अमेरिका ने भारत में आ’तंक’वाद फैलाया? तो मैडम की बोलती बंद हो जायेगी. लेकिन इतना सोचने की जहमत कौन उठाये? अगर वो इतना सोचेगी तो अपना प्रोपगैंडा और एजेंडा कैसे चला पाएगी. लोगों ने सायेमा को बढ़िया से समझाया कि पाकिस्तान और अमेरिका में क्या अंतर है? लोगों ने अच्छे से समझाया कि कैसे पाकिस्तान जिंदाबाद कहना देशद्रोह है और अमेरिका जिंदाबाद कहना नहीं.