तो ऐसे भारत को मिटाने के लिए आतंकियों का सहारा लेती थी पाक ख़ुफ़िया एजेंसियां

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पहले मुम्बई फिर उरी और अब पुलवामा हमला हुआ,कइयों को अपनी जान गवानी पड़ी।

आतंकियों के पाकिस्तान की ज़मीन से आने की बात सामने आई। भारत सरकार ने सबूत के साथ डोजियर भी सौंपे लेकिन पाकिस्तान फिर भी उन सबूतों को गलत बताकर सिरे से नकारता रहा।
भले ही अपनी धरती पर आतंक की खेती होने की बात से पाकिस्तान इंकार करता रहा हो लेकिन असल में वास्तुविक्ता यही है कि उसकी धरती आतंक को दाना पानी देती है। इस बात को हम नही कह रहे बल्कि अब पाकिस्तानी खुद भी इसे स्वीकारने लगे हैं।


पाक के पूर्व राष्ट्रपति रहें परवेज़ मुशर्रफ ने खुफिया एजेंसी आईएसआई को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
पाकिस्तानी पत्रकार नदीम मालिक से फ़ोन पर की बातचीत में मुशर्रफ ने कहा कि जैश ए मोहम्मद एक बेहद खतरनाक आतंकी संगठन है जिसपर उन्होंने 2003 में दो बार लगाम लगाने की कोशिश की थी। जिसके बाद इसी संगठन ने उनपर जानलेवा हमला भी किया था ।

दरअसल अपने टॉक शो के दौरान पत्रकार नदीम मालिक ने उनसे पूछा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आतंकी संगठन के खिलाफ कोई कारवाई क्यों नही की तो इसपर मुशर्रफ ने कहा कि वो टाइम आज जैसा नही था और ऐसे में वो इस आतंकी गुट पर पूरी तरह से लगाम लगाने में विफल रहें।


इसके अलावा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को सवालों के घेरे में लाते हुए मुशर्रफ ने खुलासा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान जैश ए मोहम्मद एक आतंकी संगठन था और पाक की खुफिया एजेंसियां इसका इस्तेमाल भारत में बम धमाके कराने के लिए करती थी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों के पास भारत के शहरों को तबाह करने का प्लान होता था जिसपर अमल के लिए  आतंकियों का सहारा लिया जाता था। 
आपको यहां जानना ज़रूरी है कि मुशर्रफ ने पुलवामा हमले की निंदा करते हुए इसमें जैश का हाथ होने की बात स्वीकारी थी। उन्होंने तब कहा था कि मौलाना ने इसको किया है,जैश ने इसे किया है लेकिन इसके लिए पाकिस्तान सरकार को दोष नही देना चहिए। 

वैसे पूर्व राष्ट्रपति के खुफिया एजेंसियों पर दिए स्टेटमेंट के बाद पाक की पोल खुलकर दुनिया के सामने आ गई है।
अब देखना दिलचस्प रहेगा कि हमेशा अपने दामन को पाक साफ बताने वाले पाकिस्तान की तरफ से क्या बयान सामने आता है।