तो इस वजह से अब फाइटर प्लेन से दूर रहेंगे अभिनंदन

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पाकिस्तान ने अभिनंदन को झुकाने का हर दांव चला। लेकिन वो झुके नही और पूरी निडरता के साथ पाक की हर चाल को विफल कर दिया। भारत सरकार ने भी बेहतरीन तरीके से कूटनीतिक चाल चलते हुए 55-56 घण्टो के भीतर ही उनकी वतन वापसी कर दी।

लेकिन क्या आप जानते है पाकिस्तान के सामने शेर की तरह दहाड़ने वाला ये योद्धा अब कुछ टाइम तक आसमान में दुश्मनों का मुकाबला करता नही दिखाई देगा।
ऐसा नही है कि वो खुद से आराम चाहते हो बल्कि इसके पीछे की वजह है कुछ ऐसे टेस्ट जिनमे टाइम लगता है और जब तक वो पूरे नही होंगे तब तक वो फाइटर जेट नही उड़ा सकेंगे। टेस्ट की इस प्रकिया में कम से कम तीन महीनों का टाइम लग सकता है।


दरअसल जब विमान उड़ाने वाला पायलट किसी भी हादसे के बाद जब वापस अपनी ड्यूटी पर लौटता है, तो वायुसेना के नियमों के अनुसार उसका पूरा मेडिकल चेकअप होता है. चेक किया जाता है कि वो फाइटर जेट उड़ाने में सक्षम भी है या नही।


वायुसेना मेडिकल में सबसे पहले सुनिश्चित किया जाता है की उनके पायलट को किसी तरह की गंभीर चोट तो नहीं लगी है. क्योंकि हादसे की स्थिति में विमान से बाहर निकलते समय रीढ़ की हड्डी में चोट लगने का ख़तरा सबसे ज्यादा होता है. ऐसे में अगर पायलट मेडिकल फिटनेस के जरिए जेट उड़ाने के लिए तय किये गए नियमों पर खरा नहीं उतर पाता तो उसे फाइटर प्लेन उड़ाने की अनुमति नहीं दी जाती.
यहां आपके लिए ये जानना ज़रूरी है कि ऐसा नही होता है कि मेडिकल टेस्ट में फेल पायलट को नौकरी से निकाल दिया जाए,उन्हें नौकरी से नही निकाला जाता।

ऐसा बिल्कुल भी नही है कि हादसे का शिकार हुए पायलट फ्लाइट नही उड़ा सकते,उड़ा तो सकते है लेकिन उन्हें लड़ाई करने के लिए मोर्चे पर नही भेजा जाता बल्कि किसी दूसरे विमान पर शिफ्ट किया जाता है।

ख़ैर, फिलहाल की खबर तो यही है कि अभिनंदन वापस आ चुके हैं जहां उन्हें भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के सवालों के जवाब देने है उसके बाद वो अपने घर वालों से मिल सकेंगे।
वैसे इस बात का पूरे भारत को इंतज़ार है कि कब हमारा भारतीय शेर अभिनंदन आसमान में वापसी करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ाता दिखाई देगा।