पीएम मोदी के बारे में इतनी बड़ी बात बोल कर सुर्खियों में आ गईं स्मृति ईरानी

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जैसा के हम सभी अक्सर ही देखते है के कई बड़े स्टार्स या सेलेब्रिटी अपनी ज़िन्दगी के कई ऐसे राज़ दुनिया से छुपाकर रखते है, जिन्हे आम जनता कभी नही जान पाती और वो राज़ दबे ही रह जाते है। अपनी अंधी-बहरी चकाचौंध से ये स्टार्स सभी को लुभाते रहते है। वो अक्सर कहा जाता है न कोई सफलता की कितनी भी उच्चाईयों पर क्यों न पहुंच जाये कोई, परन्तु उसका अतीत कभी भी उसका पीछा नही छोड़ता है।

राजनीति में सक्रिय होने से पहले स्मृति ईरानी टीवी पर प्रसारित होने वाले सास-बहू के सीरियल्स का जाना पहचाना चेहरा थीं।वे सफल मॉडल, टीवी अभिनेत्री और निर्माता भी रही हैं। बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने के बाद कुछेक वर्षों बाद ही वे देश की मानव संसाधन विकास मंत्री बनीं।
हालांकि विवादों के चलते मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें कपड़ा मंत्री बनाया गया। वे भारतीय जनता पार्टी की तेजतर्रार नेता के रूप में जानी जाती हैं। तुलसी विरानी के किरदार से घर-घर में जगह बनाने वाली स्मृति कभी मोदी की विरोधी हुआ करती थीं।

उन्होंने गोधरा दंगों पर मोदी की खुली आलोचना की थी। उस वक्त स्मृति ने अनशन पर बैठने तक की चेतावनी दी थी।लेकिन स्मृति के लिए वक्त तेजी से बदला और साथ ही मोदी के प्रति नजरिया भी। अब देखिये ना महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित ‘वर्ड्स काउंट फेस्टिवल’ में शरीक हुईं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बोला की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस दिन राजनीति से संन्यास लेंगे, उस दिन वह भी राजनीति को अलविदा कह देंगी. हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही कहा कि मोदी अभी कई बरस तक राजनीति में रहेंगे.

वहा जब उनसे पूछा गया की वह कब ‘प्रधान सेवक बनेंगी, जिसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘कभी नहीं. मैं राजनीति में बेहतरीन नेताओं के साथ काम करने के लिए आई हूं और इस मामले में मैं बेहद सौभाग्यशाली रही हूं कि मैंने दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी जैसे दिग्गज नेता के नेतृत्व में काम किया और अब मोदी जी के साथ काम कर रही हूं.’

स्मृति ईरानी ने कहा कि जिस दिन ‘प्रधान सेवक’ नरेंद्र मोदी राजनीति से संन्यास ले लेंगे, मैं भी भारतीय राजनीति को अलविदा कह दूंगी. दरअसल इस शब्द का इस्तेमाल मोदी खुद के लिए करते हैं. स्मृति ईरानी ने पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के गढ़ अमेठी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती दी थी. वहीं उनसे जब पूछा गया कि क्या वह आगामी लोकसभा चुनाव भी अमेठी से लड़ेंगी, तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला पार्टी और अध्यक्ष अमित शाह करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘2014 में जब मैं चुनाव लड़ रही थी, तब वे पूछते थे कि स्मृति कौन है. 2019 में अब वे जान चुके हैं कि मैं कौन हैं.’