दिग्विजय से मिलेंगे सिंधिया, क्या थमेगी कांग्रेस के अंदर की कलह?

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मध्य प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है. तब से मध्य प्रदेश सरकार में नेताओं के बीच अनबन चल रही है.  मध्य प्रदेश की राजनीति में सोमवार को एक नया अध्याय देखने को मिल सकता है. मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रहे शी’त यु’द्ध की चर्चा तो पूरे प्रदेश में है. दोनो एक दूसरे के खि’लाफ मो’र्चा खोल चुके है. अनुमान ये तक लग रहा था कि सिंधिया कमलनाथ के खि’लाफ मध्य प्रदेश में अपने पिता की पार्टी को जी’वंत कर के उनके खि’लाफ मो’र्चा खोल सकते हैं. ऐसी च’र्चा कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा था कि सिंधिया को अपने पिता की पार्टी दूबारा खड़ी करना चाहिये और प्रदेश की जनता के लिए काम करना शूरु करें.

वहीं सोमवार को गुना में धु’र-विरो’धी माने जाने वाले दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच मुलाकात होने वाली है. सियासी गलियारों में सिंधिया और दिग्विजय की मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं. वहीं राज्यसभा चुनाव के लिए 3 सीट खाली हो रही है. जिसमे तीन सीटे मध्य प्रदेश के हिस्से में आ रही है. उसी को लेकर मध्य प्रदेश में खीं’च’तान मची है. कमलनाथ और सिंधिया के बीच घमा’सान म’चा हुआ है. शायद कमलनाथ नही चाहते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजा जाये. सिंधिया को अलग थलग करने के लिए कमलनाथ ने कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी को राज्यसभा भेजने की अट’कले लगाई जा रही है.

दरअसल दोनों नेताओं के बीच गुना के सर्किट हाउस में चर्चा होगीं. दिग्विजय सिंह का जो कार्यक्रम जारी हुआ है, उसके मुताबिक दोनों लगभग 45 मिनट एक दूसरे के साथ रहेंगे. गुना में दोनों लगभग छह साल बाद मिल रहे हैं. यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब सिंधिया  कमलनाथ सरकार के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. सिंधिया मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की भी चेता’वनी दे चुके हैं. यहां तक कि पोस्टर के माध्यम से अलग पार्टी बनाए जाने की मांग भी उठने लगी है.

अगर सिंधिया की बात करें तो सिंधिया करीब आठ महीने बाद गुना आ रहे हैं. सिंधिया के साथ प्रदेश के पांच मंत्री भी मौजूद रहेंगे. इनमें श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी, परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत और महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी शामिल हैं. अब देखना है कि क्या गुना में इन दोनो नेताओँ के बीच मुलाकात होगी उससे क्या कुछ सामने आयेगा. क्या सिंधिया और कमलनाथ के बीच का शीत यु’ध्द समाप्त होगा? या फिर जो कयास लगाये जा रहे है कि सिंधिया मध्य प्रदेश में अपने पिता की पार्टी को ख’ड़ा करके कमलनाथ को चुनौती देगें.