जब CM कमलनाथ की बैठक में नहीं पहुंचे सिंधिया समर्थक मंत्री तो मच गया हड़कम्प

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर संकट मंडरा रहा है. एमपी से आ रही इस खबर ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी थी. दरअसल मध्यप्रदेश के 4 कांग्रेसी विधायक और 4 निर्दलीय विधायकों ने गुरुग्राम के एक होटल में डेरा डाल रखा था. ये चारों निर्दलीय विधायक वहीं हैं जिन्होंने कमलनाथ की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाई थी. जिसके चलते कमलनाथ सरकार में हलचल मच गयी थी और विधायकों को वापस लाने के लिए प्रयास शुरू किये जाने लगे.

जानकारी के लिए बता दें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी बीजेपी पर विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया था लेकिन इसी बीच आयी एक और खबर ने कमलनाथ सरकार को हिला दिया. मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी ड्रामे के बीच सीएम कमलनाथ ने मुख्यमंत्री आवास पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई. इस बैठक के चलते उस समय हडकंप मच गया जब सिंधिया समर्थक मंत्री सीएम हाउस नहीं पहुंचे.

मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में सीएम कमलनाथ ने फिर कुछ ही मंत्रियों के साथ चर्चा की लेकिन सिंधिया समर्थक मंत्रियों इस बैठक से नदारद नजर आए. बैठक में बाकी मंत्रियों के ना पहुंचने पर पार्टी ने चुप्पी साध ली. वहीं ये भी बताया जा रहा है कि सिंधिया समर्थक मंत्रियों की राजस्व मंत्री के निवास पर बैठक हुई. तीनों के बीच सियासी घटनाक्रम को लेकर रणनीति भी बनाई गयी.

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार में आपस में ही कलह नही सुलझ पा रही है. पार्टी दो गुटों में बंट चुकी है. एक तरफ दिग्विजय सिंह भाजपा पर आरोप लगा रहे थे कि बीजेपी उनके विधायक खरीदने की कोशिश कर रही है तो वहीं सीएम कमलनाथ ने कहा था कि उनकी पार्टी को खतरा नहीं है किसी को विधायकों को लेकर चिंता की जरुरत नहीं है.