1989 से इन सीटों पर कांग्रेस अब तक नही जीत पायी चुनाव

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लोकसभा चुनाव सर पर हैं और ऐसे में बीजेपी सत्ता में वापसी करना चाहती है तो कांग्रेस राहुल-प्रियंका के सहारे मोदी सरकार को हराने के लिए प्रयास कर रही है पिछले लोकसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस सिर्फ 48 सीटों पर सिमट गई थी

मध्य प्रदेश बीजेपी का गढ़ है और पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां 29 में से 27 सीटों पर परचम फहराया था तो वहीं कांग्रेस को छिंदवाड़ा और गुना ये दो सीटें मिली थी. इस बार कांग्रेस सेंधमारी के लिए पूरा जोर लगा रही है तो अब हम आपको मध्य प्रदेश की ऐसी ही पांच सीटों के बारे में बताते हैं जहां से कांग्रेस को 1989 से जीत का इंतजार है

भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है. भोपाल लोकसभा सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है और इस सीट पर वर्ष 1989 से बीजेपी का कब्जा है. भोपाल के मौजूदा सांसद आलोक संजर हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने 3.70 लाख से अधिक वोटों से जीत पाई थी. कांग्रेस ने 1984 के चुनाव में भोपाल से जीत पाई थी. कांग्रेस नेता केएन प्रधान ने यह चुनाव जीता था. तब से कांग्रेस इस सीट पर जीत के लिए तरस रही है. देखना होगा कि इस बार क्या दिग्विजय सिंह इस सूखे को खत्म कर पाते हैं या नहीं.

विदिशा लोकसभा सीट: विदिशा सीट बीजेपी का गढ़ है. कांग्रेस इस किले को 1989 से नहीं भेद पाई है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस सीट से पांच बार सांसद रह चुके हैं. मध्य प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री राघव जी ने सबसे पहले 1989 के चुनाव में कांग्रेस को हराया. फिर इसके बाद से कांग्रेस को इस सीट से जीत नसीब नहीं हुई.

कांग्रेस 30 सालों से इन 5 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रही है लेकिन इन सीटों पर कांग्रेस की किस्मत साथ ही नही दे रही अब देखना ये होगा की क्या इस बार भी बीजेपी इन सीटों पर फिर से कब्जा करेगी या कांग्रेस को फिर से इन सीटों पर हार नसीब होगी अब ये तो जनता ही तय करेगी