शिवसेना इनको बनाना चाहती है देश का अगला राष्ट्रपति, लेकिन भाजपा नहीं होगी तैयार

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महाराष्ट्र की राजनीति शांत होने का नाम नही ले रही है, आये दिन कुछ ना कुछ होता रहता है. राजनीतिक उठापटक का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं राज्यसभा सांसद और शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोमवार को चौंकाने वाला बयान दिया है. इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में 2022 को लेकर चर्चा तेज हो गई है. राउत ने कहा कि साल 2022 के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों को एनसीपी प्रमुख शरद पवार के नाम पर विचार करना चाहिए. राउत ने यह भी दावा किया कि 2022 तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का फैसला करने के लिए ‘हमारे पास ‘ पर्याप्त संख्या बल होना चाहिये.

दरअसल, शरद पवार ने महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने के लिए शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने गठबंधन में कांग्रेस को आने के लिए राजी किया था. इसके लिए दिल्ली आकर उन्होंने कई बार कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. यही वजह है कि संजय राउत, शरद पवार को लेकर बहुत ज्यादा नरम दिख रहे हैं और राउत ने ये तक कह दिया 2022 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर  राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर शरद पवार के नाम पर विचार करने को सभी विपक्षी पार्टियों से एकजुट होने को बोल रहे हैं.

आपको बता दें की बीते शानिवार को शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा था कि उनकी पार्टी (शिवसेना) संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन करती है. राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र देश के लिए एक ‘सबक’ है या फिर कह सकते हैं कि बीजेपी के लिए भी एक राजनीतिक सबक है. ऐसे में किसी को डरने की जरूरत नहीं है. संजय राउत ने सीएए पर जमात-ए-इस्लामिक हिंद और एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स द्वारा आयोजित एक बैठक के दौरान ये बातें कहीं कि मेरी पार्टी सीएए के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के पक्ष में है.

संजय राउत ने अपनी बात को आगे बढाते हुए ये दावा किया था कि महाराष्ट्र की हार को भाजपा अभी तक पचा नही पा रही है. राउत ने कहा कि, ‘भाजपा  अभी तक दुख में हैं और क्यों ना हम उनके ज़ख्मों पर नमक छिडकने का काम करें और या फिर भाजपा को और दुख देना चाहिए. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने देश को सबक दिया है कि डरो मत. उनका इशारा संभवत: भाजपा से संबंध तोड़कर राज्य में कांग्रेस और के साथ मिलकर सरकार बनाने की तरफ था. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने देश को रास्ता दिखाया है. देश हमारा धर्म है. हम सबको एकजुट होना चाहिए.