नागरिकता संशोधन बिल पर शिवसेना हुई दो फाड़, संजय राउत के बदले तेवर

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लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया. विपक्ष की तमाम आपतियों के बावजूद सरकार को गैर एनडीए दलों बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस का समर्थन मिला. साथ ही ऐसे मुद्दों पर भाजपा से अलग लाइन लेने वाली जेडीयू ने भी खुल कर सरकार का साथ दिया. महाराष्ट्र में भाजपा से नाता तोड़ कर नई नई सेक्युलर बनी शिवसेना ने भी लोकसभा में बिल के पक्ष में वोट दिया लेकिन इस मुद्दे पर पार्टी दो फाड़ हो गई.

लोकसभा में बिल के पास होने के बाद राज्यसभा में बुधवार को बिल को पेश किया जाएगा. राज्यसभा में शिवसेना के 3 सांसद हैं. उन्ही तीन सांसदों में से एक हैं संजय राउत. संजय राउत सामना के सम्पादक भी है. रात को लोकसभा में पार्टी सरकार के साथ खाड़ी नज़र आई और बिल के पक्ष में वोट दिया लेकिन सुबह सुबह संजय राउत के सुर बदले हुए थे. उन्होंने कहा कि लोकसभा में बिल का समर्थन करने का ये मतलब नहीं कि राज्यसभा में भी हम बिल का समर्थन करें.

लेकिन शिवसेना के लोकसभा संसद अरविन्द सावंत संजय राउत की बातों से इत्तेफाक नहीं रखते. अरविंद सावंत का कहना है कि राष्ट्रहित की भूमिका लेकर शिवसेना खड़ी रहती है. ये किसी की मोनोपोली नहीं है. आपको याद ना हो तो बता दें कि अरविन्द सावंत पहले मोदी कैबिनेट में मंत्री थे लेकिन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद जब भाजपा और शिवसेना के रिश्ते बिगड़े तो उन्होंने अपना इस्तीफ़ा दे दिया.

भाजपा से अपने रास्ते अलग करने के पहले से ही शिवसेना इस बिल के सपोर्ट में रही है. इसलिए कांग्रेस औत्र एनसीपी के साथ गठबंधन करने के बावजूद उसके लिए यूटर्न लेना इतना आसान नहीं है. अब निगाहें राज्यसभा में शिवसेना के रुख पर टिकी है. वैसे अभी के गणित को देखें तो लगता है कि अगर सरकार को राज्यसभा में शिवसेना का साथ नहीं भी मिलता है तो भी बिल आसानी से पास हो जाएगा.