मध्यप्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गयी है. लाख कोशिश करने के बाद आखिरकार अब कमलनाथ को सुप्रीम कोर्ट ने तगड़ा झटका दे दिया है. दरअसल सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने इस्तीफा देकर कमलनाथ सरकार को संकट में ला दिया था. जिसके बाद से ही कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गयी थी. राज्यपाल लाल जी टंडन ने कमलनाथ को चिट्ठी लिख आदेश जारी किया था कि वह फ्लोर टेस्ट करें और बहुमत साबित करें.

जानकारी के लिए बता दें कमलनाथ ने अपनी सरकार बचाने के लिए बीजेपी पर आरोप लगाया कि बीजेपी ने उनके 22 विधायकों को बेंगलुरु में बंधक बना लिया है, वो सभी विधायक विधानसभा स्पीकर के समक्ष आयें और अपनी बात रखें तब हम फ्लोर टेस्ट करेंगे. वहीं शिवराज सिंह चौहान अपने 106 विधायकों के साथ लाल जी टंडन के समक्ष पहुंच गये थे और उनकी परेड करवा लिस्ट सौंप दी थी. इसके बाद भी कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट नहीं किया तो बीजेपी सुप्रीम कोर्ट जा पहुंची. अब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए पिछले तीन दिन से चल रहे फ्लोर टेस्ट के सस्पेंस को खत्म कर दिया और कमलनाथ सरकार को 20 मार्च शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट के इस आदेश के बाद बीजेपी ने अपनी सरकार बनाने के दावा किया है क्योंकि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास अब 92 विधायक ही बचे हैं. जिससे बहुमत साबित कर पाना मुश्किल हो सकता है. वहीं कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया देते हुए बड़ी बात कही है.

गौरतलब है कि शिवराज सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्वीट करते हुए लिखा है कि “सत्यमेव जयते” इतना ही नहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से न्याय की जीत हुई. हम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा है कि फ्लोर टेस्ट में ये सरकार पराजित साबित होगी और नई सरकार बनाने का रास्ता साफ़ होगा.