शिवराज सिंह चौहान ने साबित किया बहुमत, इन विरोधी पार्टियों ने भी किया समर्थन

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चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने आज विधानसभा में अपना बहुमत सिद्ध किया. सबसे ज्यादा आश्चर्य की बात ये रही किभाजपा की धुर विरोधी पार्टियाँ समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के विधायकों ने भी शिवराज सिंह चौहान के पक्ष में वोटिंग की. जिस वजह से शिवराज सरकार ने बहुमत के आंकड़े से 8 वोट ज्यादा हासिल किये. बहुमत साबित करने के लिए 104 विधायकों की जरूरत थी लेकिन शिवराज सिंह को 112 विधायकों का साथ मिला. जिसमे सपा, बसपा और निर्दली विधायकों का समर्थन भी शामिल है.

सोमवार को शपथ लेने के बाद शिवराज की ओर से विधानसभा का चार दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है. ये सत्र 24 मार्च से 27 मार्च तक चलेगा. विधानसभा के चार दिवसीय विशेष सत्र में सदन की कुल तीन बैठकें होंगी. शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के पहले नेता हैं, जो चौथी बार मुख्यमंत्री बने हैं. राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही विधानसभा स्पीकर नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने आधी रात को ही स्पीकर पद से इस्तीफा दे दिया. विधानसभा उपाध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा है कि वो नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

मुख्यमंत्री का पद संभालते ही शिवराज सिंह चौहान एक्शन मोड में आ गए. सबसे पहले उन्होंने कोरोना वायरस संकट के मद्देनज़र एक आपात बैठक बुलाई और अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को संक्रमण फैलने से रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करने के आदेश दिये हैं.