सरकार गिरवाकर जब कमलनाथ के घर ही जा पहुंचे शिवराज, जानिए फिर क्या हुआ

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मध्यप्रदेश में चल रही सियासी जंग के बीच फ्लोर टेस्ट से पहले कमलनाथ ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन 16 विधायकों का भी इस्तीफा मंजूर कर लिया गया था जिनका पहले विधानसभा स्पीकर ने इस्तीफा मंजूर नहीं किया था और कमलनाथ ने कहा था कि पहले सभी विधायक स्पीकर के समक्ष आयें और अपनी बात रखें लेकिन ऐसा नही हुआ और उनका इस्तीफा मंजूर करना पड़ा.

जानकारी के लिए बता दें मध्यप्रदेश के सीएम रहे कमलनाथ ने अपनी सरकार बचाने की लाख कोशिश की लेकिन नतीजा शून्य रहा. सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद उनके समर्थित 22 विधायको ने इस्तीफा देकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी और फिर उनकी सरकार पर संकट के बादल छा गये. वहीं शिवराज सिंह चौहान ने अपने विधायकों का राज्यपाल लाल जी टंडन के समक्ष परेड करवाकर लिस्ट सौंप दी.

जब सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट करने के लिए आखिरी समय दिया तो उन्होंने टेस्ट से पहले ही राज्यपाल लाल जी टंडन को अपना इस्तीफा सौंप दिया. वहीं एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की छवि एक मिलनसार नेता के रूप में है. सरकार गिराने के बाद वह निवर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने उनके घर जा पहुंचे. सबसे बड़ी बात ये है कि शिवराज सिंह के नेतृत्व में ही बीजेपी ने कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर बाद झटका दिया है और कांग्रेस को बड़े नेता सिंधिया को तोड़ बीजेपी में शामिल करवाया है.

गौरतलब है कि कमलनाथ के घर शिवराज सिंह पहुंचे और कुछ देर रुके. वहां क्या बात हुई ये किसी को नहीं पता. थोड़ी देर रुकने के बाद वह वहां से निकल गये. कमलनाथ ने अपनी सरकार बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन बीजेपी की रणनीति के आगे कमलनाथ को घुटने टेकने ही पड़े और इस्तीफा देना ही पड़ा. बीजेपी ने अपनी सरकार बनाने के दावा करके विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंप दी है. वहीं अब बताया जा रहा है कि बीजेपी विधायक दल की बैठक में नए नेता का चयन होगा इसके बाद उसे प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.