सीएम शिवराज की सरकार ने कमलनाथ को लेकर बिठाई जांच, छिंदवाडा से लेकर किसान कर्ज माफ़ी तक की खुलेंगी फाइलें

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मध्य प्रदेश की सियासत में आये दिन कोई न कोई नया मोड़ आता रहता हैं. अभी तक कोरोना की वजह से मध्य प्रदेश चर्चा का विषय बना हुआ हैं और अब मध्य प्रदेश के अंदर पुरानी सरकार कमलनाथ की जिसको लेकर एक बार फिर से सियासत गरमा गई हैं.

जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने बीजेपी के कई बड़े नेता की फाइल खोलने की कोशिश की थी. वही अब बीजेपी की सरकार बनने के बाद शिवराज सरकार कमलनाथ सरकार की पुरानी फाइलों को खोलना शुरू कर दिया हैं. वो कहते हैं न “जैसे को तैसा” शायद यही देखने को मिल रहा हैं एमपी की सियासत के अंदर. शिवराज सरकार ने कमलनाथ सरकार द्वारा लिए गए पिछले 6 महीने के फैसलों की जांच करवा रही हैं. जांच मंत्रियों का समूह कर रहा हैं.

शिवराज सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृह जनपद छिंदवाडा जहाँ पर उन्होंने कई कार्यों की शुरुआत की थी. जिसमे 12 हज़ार करोड़ के कार्यों की फाइलों को सरकार ने तलब किया है. बैठक में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और कृषि मंत्री कमल पटेल मौजूद थे.

एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने पूर्व सरकार पर किसानो को लेकर बहुत संगीन आ’रोप लगाये हैं. नरोत्तम मिश्र ने साफ साफ़ कह दिया है कि किसानो की क’र्ज माफ़ी को लेकर जांच की जायेगी. नरोत्तम मिश्र ने कहा है किसानो के नाम पर तत्कालीन सरकार ने सबसे बड़ा घोटा’ला किया हैं. उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार ने किसानो का क’र्ज माफ़ नहीं किया हैं सिर्फ उसके नाम पर घो’टाला किया हैं. जिसकी जां’च होना तय हैं.

इस जांच को करवाने के लिए एक ही मकसद है कि सीधे तौर पर कमलनाथ को घेरने की तैयारी हैं. कमलनाथ ने भी अपने वक़्त में बीजेपी को लेकर जाँच कराइ थी तो अब बीजेपी ने भी कमलनाथ सरकार के खि’लाफ जाँच करने के आदेश दिए हैं.