कांग्रेस के बड़े नेता का निधन, कांग्रेस और पीएम मोदी के साथ सभी पार्टियाँ दुखी

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अभी अभी एक बहुत ही दुखद खबर आ रही है . 3 बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रही और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित का निधन हो गया है . उनकी उम्र 81 वर्ष थी . बताया जा रहा है कि वो लम्बे से समय से बीमार चल रही थीं . शीला दीक्षित 1998 से 2013 तक लगातार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. वह सबसे लम्बे समय तक दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने वाली पहली महिला थी . प्रधानमंत्री मोदी ने शीला दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त किया है .

31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में जन्मी शीला का कद कांग्रेस पार्टी में काफी बड़ा था . उनके मुख्यमंत्री त्रहते दिल्ली का जिस तरह से विकास हुआ वो आज भी दिल्लीवासी याद करते हैं . 2013 में दिल्ली में चुनाव हारने के बाद उन्हें केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था . 2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांगेस पार्टी की मुख्यमंत्री पद लिये उम्मीदवार घोषित की गई थीं। हलांकि वो कांग्रेस को सफलता नहीं दिला सकीं .

शीला के सक्रीय राजनीति से हटने के बाद दिल्ली में कांग्रेस बेहद कमजोर हो गई . आखिरकार कांग्रेस ने 2019 का लोकसभा चुनाव  उन्ही के नेतृत्व में लड़ने का फैसला किया और एक बार फिर शीला को दिल्ली बुलाया गया. लेकिन मोदी लहर शीला दीक्षित कोई कमाल नहीं दिखा सकीं .

उनके मुख्यमंत्री रहते दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे . दिल्ली में उनकी सरकार के हार का मुख्य कारण कॉमनवेक्ट गेम्स की तैयारियों के दौरान हुआ घोटाला था . गेम्स की तैयारोयों के दौरान घोटाले ने उनकी सरकार की खूब किरकिरी करवाई थी .

न्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की और फिल दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से मास्टर्स ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की. शीला दीक्षित साल 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद रहीं .