CAA पर शशि थरूर का बड़ा बयान, राज्यों के विरोध को बताया नौटंकी

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कई राज्य भले ही ये कह रहे हैं कि वो CAA लागू नहीं होने देंगे, कई राज्य भले ही इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित कर रहे हैं. लेकिन सच तो ये है कि ये सब राज्यों की राजनीति और नौटंकी है. उनके पास अधिकार ही नहीं CAA लागू करने से इनकार करने का. बीते कुछ दिनों से कांग्रेस के अन्दर से ही ये आवाजें आ रही है. कांग्रेस भले ही CAA का पुरजोर विरोध कर रही हो, लेकिन उसके अपने नेता जानते हैं कि सच्चाई क्या है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने साफ़ कहा है कि CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने का राज्यों का कदम राजनीति से प्रेरित है क्योंकि नागरिकता देने में उनकी बमुश्किल ही कोई भूमिका है. नागरिकता देने का अधिकार केंद्र सरकार का होता है. इसलिए राज्य सरकारें CAA के खिलाफ जो प्रस्ताव पारित कर रही हैं उसका कोई महत्त्व नहीं है.

पिछले दिनों कांग्रेस के ही एक अन्य नेता कपिल सिब्बल ने भी कहा था कि नागरिकता देना केंद्र सरकार का काम है. राज्य सरकारें बेवजह CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर रही है. उन्होंने कहा था कि जब ये क़ानून संसद में पास हो गया तो त्राज्यों के पास इसे लागू नहीं करने का कोई अधिकार नहीं बचता.

हालाँकि शशि थरूर ने ये भी कहा कि एनपीआर अपडेट करने में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. केंद्र के पास मैन पावर कम है, ऐसे में उसे राज्यों की जरूरत पड़ेगी. ऐसी स्थिति में राज्य सरकार के कर्मचारी ही इसे पूरा करेंगे. शशि थरूर जैसे पढ़े लिखे सांसद की बातों से स्पष्ट है कि राज्य सरकारें CAA के खिलाफ विरोध का सिर्फ नाटक कर रही हैं और अपनी राजनीति चमका रही है. जबकि इससे उनका कुछ लेना देना ही नहीं है.