पूरी दुनिया के शेयर बाजार में आज हा’हाका’र मच गया. अमेरिका, चीन, जापान जैसे देशों ने शेयर बाजार ने गोता  लगाया तो उसका असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला और देखते ही देखते एक ही दिन में निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपये डूब गए.  

बीते दिन अमेरिकी शेयर बाजार सूचकांक डाउ जोन्स 1400 अंकों से ज्यादा फिसला और यह 23,553.22 अंक पर बंद हुआ. यह डाउ जोन्‍स की सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही. उसके बाद गुरुवार को जब भारतीय शेयर बाजार खुला तो हा’हा’कार मच गया. हालाँकि अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देख कर निवेशकों को आशंका तो थी कि भारतीय शेयर बाज़ार भी गिरावट के साथ खुलेगा लेकिन गिरते गिरते ये इतना नीचे चला जाएगा इसकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी. साल 2008 के बाद ये सबसे बड़ी गिरावट है और इसकी वजह है कोरोना वायरस.

कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स 3200 अंक तक लुढ़का तो वहीं निफ्टी में भी करीब 1000 अंक की गिरावट दर्ज की गई. कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 8.18% यानी 2919.26 अंक टूटकर 32,778.14 के स्‍तर पर बंद हुआ. अगर निफ्टी की बात करें तो 868.25 अंक यानी 8.30 फीसदी लुढ़क कर 9,590.15 अंक पर रहा. रिलायंस और टाइटन के शेयरों की गिरावट उन्हें आज के कारोबार के दौरान 52 हफ्तों के लो पर पहुंचा चुकी है. ये गिरावट कहाँ जा कर थमेगी इसका अंदाजा किसी को भी नहीं है.

बाज़ार में इस गिरावट का जिम्मेदार कोरोना वायरस को माना जा रहा है. कोरोना वायरस का प्रकोप दुनियाभर में गहराने और इससे निपटने के लिए उठाए जा रहे एहतियाती कदमों से बाजार में घबराहट का माहौल बना हुआ है. दुनिया भर के देशों में शटडाउन चल रहा है और सब अपने अपने बॉर्डर सील कर रहे हैं. जिस कारण निवेशकों में घबराहट का माहौल है. कोरोना का कहर और इंटरनैशनल मार्केट में कच्चे तेल में गिरावट के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी की आशंका बनी हुई है. भारत ने भी कई देशों के वीजा 15 अप्रैल तक कैंसल कर दिए हैं जबकि अमेरिका के यूरोप यात्रा पर बैन के बाद कच्चे तेल के दाम में और गिरावट दर्ज की गई.

सबसे ज्यादा गिरावट टाटा स्टील, ओएनजीसी, टाइटन, एसबबीआई के शेयरों में दिखी. इन सभी में 7 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट थी. जबकि निफ्टी पर यस बैंक, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और वेदांता शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट है.