2024 की तैयारी, कल शरद पवार के घर पर मोदी विरोधी एक दर्जन से अधिक नेताओं की मीटिंग, यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा ने बनाया राष्ट्रीय मंच

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कहते हैं कि केंद्र की सत्ता का रास्ता यूपी और बिहार से हो कर जाता है. बिहार में पिछले साल विधानसभा चुनाव हो चुका और NDA ने जीत हासिल कर अपनी सत्ता बरक़रार रखी. उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होने हैं. उसके बाद लोकसभा के चुनाव में अभी 3 साल बाकी है. लेकिन 2024 की सरगर्मियां अभी से ही तेज हो गई है. जैसे हर बार होता है, किसी राज्य में जीत के बाद क्षेत्रीय क्षत्रप दिल्ली का सपना देखने लगता है और तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट तेज हो जाती है. इस बार भी बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की प्रचंड जीत के बाद तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट तेज हो गई है. 2024 में विपक्ष का चेहरा कौन होगा ये तो अभी नहीं पता लेकिन तीसरे मोर्चे की कवायद इस बार शरद पवार ने शुरू की है और इस मोर्चे के सूत्रधार बने हैं प्रशांत किशोर, जो ममता बनर्जी को बंगाल में जीत दिलाने के बाद पूरे जोश में हैं.

सोमवार को प्रशांत किशोर ने शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की. दोनों के बीच मीटिंग करीब 3 घंटे तक चली. इस मीटिंग के बाद मोदी विरोधी दल मंगलवार को शरद पवार के आवास पर एक बड़ी बैठक करेंगे और 2024 की रूपरेखा तय करेंगे. विपक्षी दलों के इस फोरम को नाम दिया गया है राष्ट्रीय मंच. इस राष्ट्रीय मंच की स्थापना यशवंत सिन्हा और शत्रुधन सिन्हा ने की है. इसमें एक दर्जन से अधिक मोदी विरोधी दल शामिल हैं.

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ देश की विभिन्न विपक्षी पार्टियां एकजुट होने जा रही हैं. एनसीपी बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाने की कोशिश में है जो जल्द ही शक्ल लेगा. वैसे आपको याद हो तो बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले ऐसी ही कोशिश TDP प्रमुख चन्द्रबाबू नायडू ने की थी. लेकिन उसके अरमान धरे के धरे रह गए थे. आज चन्द्रबाबु नायडू कहाँ है किसी को नहीं पता. अब शरद पवार के नेतृत्व वाला ये राष्ट्रीय मंच कितना कामयाब होगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.