सर्वदलीय बैठक में सोनिया गाँधी के सामने ही शरद पवार ने राहुल गाँधी को कर दिया जलील

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चीन के साथ तनाव के माहौल पर चर्चा के लिए पीएम मोदी ने शुक्रवार 19 जून की शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इसमें करीब 19 पार्टियों ने हिस्सा लिया. पीएम मोदी ने ताजा हालातों से सभी दलों को अवगत कराया और ये भी आश्वस्त किया कि हमारी जमीन पूरी तरह सुरक्षित है. सेना को खुली छूट दे दी है है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने इस मीटिंग में सरकार पर कई सवाल उठाये.

सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि जब 5 मई को लद्दाख समेत कई जगह चीनी घुसपैठ की जानकारी सामने आई, तो उसके तुरंत बाद ही सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी. उन्होंने सरकार से कहा कि हमें पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है. हम अभी भी अँधेरे में हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि राष्ट्र की अखंडता और रक्षा के लिए सभी एक साथ खड़े हैं. साथ ही सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन करते हैं.

सर्वदलीय बैठक से पहले राहुल गाँधी मोदी सरकार पर लगातार हमलावर रहे और उन्होंने ये सवाल उठाये कि चीनी खेमे में हमारे सैनिकों को निहत्था क्यों भेजा गया? हालाँकि वित्त मंत्री एस जयशंकर ने राहुल गाँधी को जवाब दे दिया था. लेकिन कल सर्वदलीय बैठक में जब एनसीपी अध्यक्ष शरद पोवार के बोलने की बारी आई तो उन्होंने सोनिया गाँधी के सामने राहुल के बचकाने सवालों को लेकर उन्हें जलील कर दिया.

शरद पवार जो खुद कभी देश के रक्षा मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने सोनिया गाँधी को आइना दिखाते हुए राहुल के बचकाने सवाल का जवाब दिया और साथ ही येभी नसीहत दी कि संवेदनशील मुद्दों पर मुंह खोलने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए. शरद पवार ने कहा, ‘चीन सीमा पर सैनिक ह’थियार लेकर गए थे या नहीं, यह अंतरराष्ट्रीय समझौतों द्वारा तय होता है. समझौतों का पालन करते हुए इस तरह के कदम उठाये जाते हैं. हमें ऐसे संवेदनशील मुद्दों का सम्मान करना चाहिए. आपको बता दें कि शरद पवार 1991 से 1993 तक नरसिम्हा राव सरकार में देश के रक्षा मंत्री थे.

जो बातें शरद पवार ने कही, वही बार विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 2 दिन पहले राहुल गाँधी को जवाब देते हुए कहा था. एस जयशंकर ने कहा था, ‘हमें सीधे तथ्यों को समझ लेना चाहिए. सीमा पर तैनात सिपाही हमेशा ह’थियार साथ रखते हैं. खासकर तब जब वे अपनी जगह को छोड़ते हैं. 15 जून को गलवान घाटी में तैनात जवानों ने भी कुछ ऐसा ही किया. लेकिन लंबे समय से (1996 और 2005 के समझौते के अनुसार) एलएसी पर फेसऑफ के दौरान ह’थियारों का इस्‍तेमाल नहीं होता है.’