द’लित नेता शक्ति मलिक की ह’त्या से उठा प’र्दा, खुले कई ग’हरे रा’ज

बिहार में विधानसभा चुनावो का बिगुल बज चुका है. जिसके साथ ही आ’रोप प्रत्या’रोप का सिलसिला भी जारी है. पक्ष और विपक्ष अपनी अपनी राजनीतिक तैयारी में जुटा हुआ है. वहीं बिहार विधानसभा चुनावो को देखते हुए महागठ’बं’ध’न के साथ साथ एनडीए में भी सीट शेयरिंग को लेकर बहुत दिनों से घ’मा’सा’न जारी है. इन सबके बीच बिहार में एक दलित नेता की ह’त्या हो जाती है. जिनको कुछ दिन पहले पार्टी ने नि’ष्का’सि’त कर दिया था. वही ह’त्या का आ’रोप RJD नेता तेजस्वी यादव और तेज़ प्रताप यादव पर लगाया जाता है.

वही शक्ति मलिक ह’त्या में पु’लि’स ने एक बड़ा खुला’सा किया है. दरअसल शक्ति मलिक ह’त्या’कां’ड के बाद बाद जहाँ एक तरफ बिहार की राजनी’ति में हल’चल मच गयी. वही इस माम’ले में चुनाव के माहौल को भी बदल के रख दिया है. जानकारी एक लिए बता दें कि ह’त्या के कई अ’नसुल’झे पह’लुओं को न सिर्फ सुलझा लिया है बल्कि शक्ति के का’ले कार’नामों के रा’ज भी सामने आए हैं. शक्ति के का’ले साम्रा’ज्य के शागि’र्द कई पुलिस वाले भी थे, जिसका रा’ज भी सामने आया है.

जानकारी के लिए बता दें कि शक्ति मलिक द्वारा सूद पर रुपए देने का पूर्णिया में साम्रा’ज्य चलता था. इस खेल में कई पुलिस वाले शक्ति का साथ देते थे. ताकि कोई भी अगर शक्ति के खि’ला’फ शिका’यत द’र्ज कर’वाए तो पुलिस वाले उसे पर कोई कार्य’वाई न करे. इतना ही नहीं शक्ति अपने सूद के इस काम में ज्यादातर महि’लायों को पैसा दिया करता था. ताकि बाद में उनसे 5 गुना पैसा व’सूल सके और और अगर कोई ना दे तो वो उनके साथ रा’वन जै’सा ब’र्ताव करता था. इसके साथ ही शक्ति के घर से ह’थि’यार, पैसे गिनने की मशीन और डायरी मिली है जो इस बात को सा’बित करती है कि शक्ति की पहुँच काफी ऊपर तक थी.

जिस पर अब पुलिस ने इस रा’ज प’र्दा उठा लिया है. जाहिर है शक्ति की मौ’त उसके का’ले का’रना’मो की वजह से ही हुई है. और इसी वजह से उसे मौ’त के घा’ट उता’रा गया था.

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