शाहीन बाग़ के आन्दोलन की खुली पोल, शुक्रवार को जब अचानक मीडिया पहुंची तो दिखे हैरान करने वाले नज़ारे

2587

या तो पिछले ढाई महीनों से शाहीन बाग़ में महिलायें सड़क पर बैठी महिलाओं का सब्र जवाब देने लगा है या शाहीन बाग़ को स्पांसर करने वाले संस्थाओं के पास फण्ड की कमी हो गई है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अब शाहीन बाग़ का कथित आन्दोलन अपनी आखिरी साँसे गिन रहा है. कभी खचाखच भरा रहने वाला पंडाल अब खाली हो रहा है. अब उन्हें न तो मीडिया का फुटेज मिल रहा और न स्वरा भास्कर जैसी सेलेब्रिटीज वहां पधार रही है. शुक्रवार की सुबह जब इंडिया टीवी के पत्रकार जब अचानक शाहीन बाग़ पहुंचे तो वहां टेंट में मात्र 19 महिलायें मौजूद थी. जैसे ही पत्रकारों को देखा वैसे ही हूटर बजा कर लोगों को बुलाया गया और भीड़ इकठ्ठा की गई.

सुबह सुबह जैसे ही इंडिया टीवी की दो महिला पत्रकार शाहीन बाग़ पहुंची तो वहां का नज़ारा देख हैरान रह गईं. वहां बिलकुल भीड़ नहीं थी इसलिए वो लाइव करते हुए टेंट में पहुँच गई. खाली टेंट में लाइव करते पत्रकारों को देखा तो वहां मौजूद 19 महिलाओं में हडकंप मच गया. फिर हूटर बजा कर भीड़ को बुलाया गया. हूटर बजते ही वहां तुरंत पुरुषों की भीड़ इकट्ठी हो गई. इंड़िया टुडे जे जर्नलिस्ट सुशांत सिंह के अनुसार हूटर बजने पर आये पुरुषों ने इंडिया टीवी की महिला पत्रकारों को डराने की कोशिश की. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. लोगों को शाहीन बाग़ की नौटंकी का सच दिख चुका था.

जब कम भीड़ को लेकर इंडिया टीवी के पत्रकारों ने सवाल किया तो जवाब देने में आनाकानी की गई. कभी जुमे का हवाला दिया गया तो कभी ये कहा गया कि उनका आन्दोलन जारी है. बहुत कोशिश की गई कि पत्रकारों को वहां से रवाना किया जाये लेकिन पत्रकारों इ बिना डरे हुए शाहीन बाग़ का सच सबके सामने ला दिया.