2 महीनों बाग़ खुला शाहीन बाग़ में रास्ता, लेकिन अभी भी है एक परेशानी

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2 महीनों तक सड़क को अपने कब्जे में रखने के बाद शाहीन बाग़ में प्रदर्शनकारियों ने एक रास्ता खोल दिया. ये रास्ता आश्रम, जामिया, ओखला, बाटला हाउस से नोएडा और फरीदाबाद की तरफ जाता है. बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार साधना रामचंद्रन और वकील संजय हेगड़े के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी इस सड़क को खोलने को तैयार हुए हैं. एक सड़क खोलने के बाद प्रदर्शनकारियों का कहना है कि CAA के खिलाफ उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.

शनिवार शाम को पुलिस के बैरीकेडिंग हटाते ही यहाँ गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई. हालाँकि सिर्फ एक तरफ का रास्ता खुलने के कारण अभी ट्रैफिक काफी धीरे धीरे खिसक रहा है. शनिवार और रविवार छुट्टियों का दिन है. असली परेशानी सोमवार से शुरू होगी जब दफ्तर खुलेंगे और लोगों का नोएडा और फरीदाबाद जाना शुरू होगा.

दूसरी तरफ तीन दिनों तक वार्ताकारों और प्रदर्शनकारियों के बीच बेनतीजा रही बातचीत जब चौथे दिन शनिवार को शुरू हुई तो प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक जामिया के छात्रों पर दर्ज मुक़दमे वापस नहीं लिए जायेंगे और जब तक CAA वापस नहीं लिया जाएगा तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा. इस पर वार्ताकारों ने उन्हें कहा कि आप किसी पार्क में प्रदर्शन कर सकते हैं. हम सुप्रीम कोर्ट से आपको सुरक्षा देने को कहेंगे. इस पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर आधी सड़क खुलेगी तो हमारी सुरक्षा कौन करेगा? उन्होंने आधी सड़क खोलने के एवज में सुरक्षा और एल्युमिनियम शीट की मांग की. प्रदर्शनकारी सिर्फ CAA ही नहीं NPR भी वापस लेने की मांग कर रहे हैं. हालाँकि केंद्र सरकार ने साफ़ कर दिया है कि किसी भी सूरत में CAA और NPR वापस नहीं लिया जाएगा.