शहीद चन्दन गुप्ता के नाम पर कासगंज में बनेगा चौक

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वो देश जिसकी धरती का कण कण भारत माँ की सलामी करता है.. उसी धरा पर भारत माँ के एक  सपूत की जान ले ली जाती है क्यूंकि वो वन्दे मातरम के नारे लगा रहा था… आज से ठीक एक साल पहले 26 जनवरी के दिन ही चन्दन गुप्ता को गोली मार दी गई.. सिर्फ इसलिए कि वो अपने ही देश में अपने ही देश के गणतंत्र दिवस पर वन्दे मातरम के नारे लगा रहा था..और उसे गोली मारने वाले वो लोग थे जो हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे नहीं सुन पाए.

वो आज ही का दिन था आज से ठीक एक साल पहले जब देश दिल्ली में राजपथ पर भारत की आन, बान और शान देख रहा था, उसी दौरान कासगंज में हिंसा की चिंगारी फैल गई. इसमें एक नौजवान की जान चल गई. इसके बाद पूरे शहर में खौफ का माहौल पैदा हो गया.

और आज भारत माँ के उसी सपूत जिसका नाम है चन्दन… उसकी पहली पुण्यतिथि है. शहीद चन्दन के नाम पर प्रशासन अब कासगंज में चन्दन चौक का निर्माण कर रहा है और साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी देगा. आज पूरा कासगंज चन्दन की देशभक्ति के रंग में रंग हुआ है. और पूरा शहर चन्दन के नाम से गूँज रहा है..

पिछली गलती से सबक लेते हुए इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान भी चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं. एहतियात के तौर पर कासगंज में पुलिस ने फ्लैगमार्च भी किया. शहर में कानून-व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए पुलिस ने एक दिन पहले ही ही मोर्चा संभाल लिया.

चन्दन गुप्ता की हत्या के इस मामले में पुलिस ने 8 मुकदमे दर्ज कर 40 आरोपियों की गिरफ्तारी की थी. कुल 121 से ज्‍यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था. साथ ही पुलिस ने एक डीबीबीएल बंदूक, दो कारतूस, एक एसबीबीएल देशी, 4 कारतूस और 8 खोखा कारतूस बरामद किए थे.

अब आपको बताते हैं कि उस दिन असल में क्या हुआ था?

26 जनवरी 2018 को सुबह करीब 10 बजे देशभक्ति के जज्बे में सराबोर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े करीब 100 युवा बाइकों पर तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे.  इसी दौरान उनका काफिला बलराम गेट इलाके की तरफ पहुंचा. ये एक अलग समुदाय का  इलाका है. यहां मौजूद उस समुदायों के नौजवानों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हो जाती है.

दोनों पक्षों के बीच ये कहासुनी वंदे मातरम कहना होगा और पाकिस्तान से जुड़े नारों को लेकर हुई. इस मुद्दे पर गहमागहमी इतनी बढ़ गई कि इलाके में भीड़ इकठ्ठा होने लगी और कुछ ही मिनटों में बलराम गेट के सारे लोग वहां इकठ्ठा हो गए

बाद में बाइक्स पर आए छात्र नेताओं को वहां से भागना पड़ा. हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए. इसी दौरान वहां पत्थरबाजी शुरू हो गई और फायरिंग भी हुई. उसी फायरिंग में चंदन को गोली लग गई. उसे  तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अफ़सोस तब तक चन्दन शहीद हो चुका था.  26 जनवरी 2018 इस दिन भारत माँ भी अपने सपूत की मौत पर रोई होंगी.

आप बताइए इसमें निर्दोष चन्दन की क्या गलती थी.. जिसकी जान सिर्फ इसलिए ली गई कि वो जिस देश का वासी है उसी देश के जयकारे लगाता है… कि उसके अन्दर देश भक्ति का ज़ज्बा भरा हुआ है.. कि उसने भारत माता की जय बोला.. क्या यही वो आज़ादी है जिसके लिए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु फांसी चढ़ गए.. क्या यही वो भारत है जिसके लिए इतने सैनिक शहीद हो रहे हैं..  क्या यही वो भारत है जिसके सपना महात्मा गाँधी देखते थे.. शायद नहीं.