देखिये सबा और फराह को कैसे मिला वोटिंग का अधिकार

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चुनाव आयोग इस बार अधिक से अधिक वोटिंग करवाने के लिए कई प्रयास किये हैं, सोशल मीडिया से लेकर, बैनर, पोस्टर, नुक्कड़ नाटक तमाम तरीके से वोटिंग प्रतिशत बढाने के लिए काम करता रहा, इसमें चुनाव आयोग कितना सफल हुआ ये तो वही बता सकता है लेकिन आज हम आपको चुनाव आयोग और सिर से जुडी दो बच्चियों की एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं वो आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगी..
दरअसल चुनाव आयोग सोशल मीडिया के जरिये देश के उन वोटरों की कहानी बता रहा है जो दुर्गम परिस्थिति में भी पोलिंग बूथ तक पहुँच रहे हैं और लोकतंत्र के इस पर्व का हिस्सा बन रहे हैं. इन्ही कुछ ख़ास वोटरों में दो बच्चियां भी शामिल है जिनके डालने को लेकर चुनाव के अधिकारी भी कुछ देर के लियर परेशान हो गये थे.. इसकी पूरी जानकारी चुनाव आयोग ने वीडियो के जरिये हमारे और आपके सामने रखा है. दरअसल पटना की दो बहने, सबा फराह की जो सिर से जुड़ी हैं। इनकी कहानी को चुनाव आयोग ने ट्विटर पर ट्वीट के जरिए 13 मई को शेयर किया है, जिसमें इस सवाल का जवाब दिया गया है कि अगर दो व्यक्ति के सिर जुड़े हैं तो उनका एक वोट होगा या वो दो वोट डालेंगे…


सबा और फराह का सिर जन्म से एक दुसरे से जुड़ा हुआ है लेकिन जब मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए चुनाव आयोग के पास उनका आवेदन आया तो चुनाव आयोग भी हैरान था. सबसे बड़ा सवाल तो यह था कि अगर वो उन्हें दो मतदाता मानते हैं तो ये बूथ में साथ जाएंगी और एक मानते हैं तो दूसरे की पहचान चली जाती है।
सबा और फराह के शरीर तो दो थे लेकिन दिमाग एक। ऐसे में चुनाव आयोग के लिए सबसे बड़ी पहेली यही थी कि ये दोनों अपना वोट कैसे देंगी?
इस पर चुनाव आयोग ने फैसला लिए कि दोनों का नाम एक ही वोटर कार्ड पर डाला जाएगा इससे दोनों का नाम मतदाता कार्ड में आ गया और दोनों का वोट एक हो गया अब दोनों एक-दूसरे की राय लेकर सोच-समझकर वोट डाल सकेंगी। इसके बाद इस पहेली के सुलझने के बाद दोनों ने विधानसभा चुनाव में 18 अक्टूबर 2015 को दीघा विधानसभा क्षेत्र में एक वोट और डाला था जो सबा और फराह का था। लेकिन जब सबा और फराह से पूछा गया कि वे वोट क्यों डालना चाहती है तो उन्होंने कहा कि ”हमने मतदान किया क्योंकि हम अगली सरकार बनाने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।’‘’3 साल को सबा फराह का सिर बचपन से एक दुसरे से जुड़ा है. इनका ऑपरेशन करवाने की कोशिश की गयी लेकिन ऑपरेशन कोई मामूली नही था. इस ऑपरेशन के बाद किसी एक की जान भी जा सकती थी.. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस ऑपरेशन पर रोक लगा दी.. हालाँकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार बिहार सरकार प्रतिमाह इन दोनों बहनों को पांच हजार रूपये देती है.


वहीँ ये दोनों बहने बॉलीवुड के भाई जान यानि की सलमान खान की जबर वाली फैन भी हैं और सलमान खान को अपना भाई मानती है. इन दोनों बहनों ने सलमान को राखी भी बाँधी हैं . जब सलमान खान को ये पता चला कि ये दोनों बहने उनकी बड़ी फैन है तो उन्होंने इन दोनों को फ्लाइट से टिकट भिजवाया और उनके रहने का इंतजाम किया था इसके बाद उन्होंने राखी बंधवा कर हमेशा उनकी रक्षा करने का वादा किया था. वैसे जहाँ तक चुनाव आयोग की बात है तो चुनाव आयोग अपने सभी मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक पहुँचाने में कोई कसार नही छोड़ता. एक एक मतदाता को पोलिंग बूथ तक लाने के लिए कई तरह से लोगों को जागरूक किया जा रहा है. सिर्फ सबा और फराह ही नही बल्कि ऐसे कई उदहारण सामने आये जो परेशानी में होने के बाद भी वोट डालते हैं. वोट डालना हमारा अधिकार है. हमें अपने वोट का इस्तेमाल करना चाहिए