महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी तक नहीं लिया गया कोई फैसला, वामदलों के साथ फिर फंसा नया पेंच

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बिहार विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा होने के बाद भी महागठबंधन में सीटों के तालमेल पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है. जिसकी वजह से महागठबंधन की कई पार्टियां नाराज़ भी चल रही है. जिसमें के एक उपेंद्र कुशवाहा की भी पार्टी शामिल है. महागठबंधन में अभी तक सीट बंटवारे को लेकर पें’च फं’सा है और सुलझने का नीम ही नही ले रहा है.

कल कांग्रेस ने भी ऐलान कर दिया है कि अगर सीट बंटवारे को लेकर बात नही बनती है तो बिहार विधानसभा की 243 साटों पर अकेले चुनाव लड़ सकती है. दूसरी तरफ वामदलों को लेकर भी पहले से पें’च फं’सा है और एक खबर आ रही है की सीट बंटवारे को लेकर वामदल के साथ नया पेंच फंस गया है.  

दूसरी तरफ सूत्रों  का कहना है कि कांग्रेस वा’म’पं’थी पार्टियों को साथ लेने की पुरजोर पैरवी कर रही है तो महागठबंधन का सबसे बड़ा घ’ट’क राष्ट्रीय जनता दल हि’च’कि’चा’ह’ट दिखा रहा है क्योंकि वह भाकपा-माले, भाकपा एवं माकपा को उनकी मांग के मुताबिक सीटें देने को तैयार नहीं है.

कांग्रेस नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ छोटे दलों के साथ सीटों पर फैसला नहीं होने के कारण सीट बंटवारे को अब तक अं’ति’म रूप नहीं दिया जा सका है. हम चाहते हैं कि वामदलों को भी साथ लिया जाए क्योंकि बिहार के कुछ इलाकों में उनका भी आ’धा’र है और वे वै’चारि’क रूप से भाजपा वि’रो’धी हैं.” यह पूछे जाने पर कि क्या इसके लिए राजद तैयार नहीं है तो उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआती दौर में वाम दलों के साथ जो संवाद हुआ, उसमें संभवत: उनकी तरफ से इतनी सीटें मांगी गयीं जितना दे पाना राजद के लिए संभव नहीं है. राजद को इसी बात को लेकर हि’च’किचा’ह’ट है. हालांकि, हमारा कहना है कि सीटों को लेकर उनके साथ बैठकर चर्चा होगी तो बात बन जाएगी.”