मध्यप्रदेश में सियासी हलचल के बाद सिंधिया ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. एमपी में पिछले कई दिनों से चल रहे सियासी ड्रामे के बाद सिंधिया ने सभी अटकलों को दूर करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया है. दरअसल सिंधिया ने कमलनाथ से चल रही सुलह के बीच सोनिया गाँधी को अपना इस्तीफा दे दिया था.

जानकारी के लिए बता दें सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद उनके समर्थक 22 विधायकों ने भी अपना इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लग गया और सरकार गिरने के लिए संकट के बादल छा गये. अब सिंधिया ने बीजेपी का दामन थाम लिया है और बड़ा बयान दिया है. बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने कहा कि ‘मैं सबसे पहले पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा जी को धन्यवाद देना चाहूँगा.

अपनी बात रखते हुए सिंधिया ने कहा कि मेरे जीवन में दो तारीख बहुत अहम रही. इन दो तारीख ने मेरे जीवन को बदल दिया. उन्होंने कहा वो तारीख एक तो 30 सितंबर 2001 है, इस दिन मैंने पिता जी को खोया, वो दिन मेरे जीवन को बदलने का दिन था, दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 है जोकि मेरे पिटा जी की 75 वीं वर्षगांठ है और इस दिन भी मेरे जीवन में एक नए मोड़ का सामना हुआ. इसी बीच एक और बड़ी खबर सिंधिया को लेकर आ रही है.

बीजेपी में शामिल होने के बाद सिंधिया को लेकर हाई कमान ने बड़ा फैसला लिया है. जैसा कि सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने से पहले खबरें आ रही थी कि उन्हें बीजेपी की तरफ से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है या फिर मोदी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. अब उनके शामिल होने के बाद बीजेपी ने बड़ा ऐलान करते हुए मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है. बीजेपी ने असम से भुवनेश्वर कालिता, बिहार से विवेक ठाकुर, गुजरात से अभय भारद्वाज, श्री मति रमीलाबेन बारा, झारखंड से श्री दीपक प्रसाद, मणिपुर से लिएसेम्बा महाराज, मध्यप्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र से श्रीमंत उदयना राजे भोंसले और राजस्थान से राजेंद्र गहलोत को उम्मीदवार बनाया गया है.