मध्यप्रदेश में उपचुनाव जीतने के लिए पूर्व CM कमलनाथ ने बनाया ये प्लान, क्या सिंधिया अपनी चाल में हो पाएंगे कामयाब ?

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद अब उपचुनाव को लेकर चुनावी सियासी हलचल तेज हो गयी हैं. सिंधिया और उनके समर्थकों विधायकों और मंत्रियों के बीजेपी में जाने के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और वो अपना बहुमत साबित नहीं कर पायी, जिसके बाद बीजेपी ने अपनी सरकार बना ली और शिवराज सिंह चौहान फिर से मुख्यमंत्री बने.

जानकारी के लिए बता दें कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गये मंत्रियों और विधायकों की 24 सीट पर अब उपचुनाव होने हैं. जिसके चलते कांग्रेस और बीजेपी ने पूरा जोर लगा दिया है. एक तरफ सिंधिया ने अपने समर्थकों को जिताने का जिम्मा उठाया है और तैयारियों में जुट गये हैं वहीँ दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बीजेपी को हराने के लिए हर बड़ी चाल चलने जा रहे हैं.

दरअसल उपचुनाव में 24 सीटें जीतने के लिए कांग्रेस ने प्लान-M तैयार किया है. इस प्लान के तहत पीसीसी चीफ कमलनाथ ने उनकी सरकार में मंत्री रहे विधायकों को 24 सीटों को जिम्मेदारी सौंपी है. पूर्व मंत्रियों को विधानसभा पार्टी की नीति रीति और किसे उम्मीदवार चयन किया जाये साथ ही स्थानीय मुद्दों को तैनात किया जायेगा. पूर्व मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ ने उपचुनाव में कांग्रेस की जीत तय करने के लिए मंत्रिमंडल में सदस्य रहे विधायकों को इस चुनाव की जिम्मेदारी दे दी है.

गौरतलब है कि बीजेपी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए सिंधिया और उनके समर्थक जमीनी स्तर से काम करने में जुट गये हैं. बताया जा रहा है कि ग्वालियर क्षेत्र में लॉकडाउन 4 के बाद भारी संख्या कांग्रेसी बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. वही कांग्रेस ने पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया को सुरखी विधानसभा, सुखदेव पांसे को साँची, प्रियव्रत सिंह को सुवासरा, सज्जन सिंह वर्मा को सांवेर, सचिन यादव को मुंगावली, जयवर्धन सिंह को आगर, कमलेश्वर पटेल को कोतमा, लखन यादव को ग्वालियर और डॉक्टर गोविंद सिंह को मेंहगांव और गोहद क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है. अब देखना ये है कि कमलनाथ का प्लान काम करता है या सिंधिया की चाल कामयाब होगी.