जब गांगुली की दादागीरी से हिल गई थी टीम इंडिया

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सौरव गांगुली को भारत के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल किया जाता है। ना सिर्फ वो अच्छे बल्लेबाज थे बल्कि भारत के सबसे बढ़िया कप्तान भी थे जिसने अपनी कप्तानी में हमेशा अपने आपको साइड में रखके दूसरों को चांस देने के बारे में सोचा।  सौरव का करियर जितना चमकदार था उतना ही विवादों से भी घिरा हुआ था। 

आज हम आपको गांगुली से जुड़े कुछ ऐसे किस्से बताने जा रहे है जो शायद आपने पहले कभी नही सुने होंगे।

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1)  2000 की बात है जब गांगुली ने लंकाशायर में काउंटी क्रिकेट खेलना शुरू किया और वही से ही उनके नाम विवादों से जुड़ना शुरू हो गया। काउंटी में उनके साथ खेलने वाले साथियों ने उनपर आरोप लगाए की गांगुली नवाबो की तरह रहते है और अपने काम को दूसरे पर टालने की उनकी आदत है। एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने अपनी बायोपिक में लिखा है कि गांगुली खुद को प्रिंस चार्ल्स की तरह समझते थे और वो उनका बर्ताव एकदम घमंडियो की तरह था।

2) 1991-1992 में खेली गई ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ गांगुली की डेब्यू श्रंखला रही। लेकिन उनकी पहली ही सीरीज विवादों से घिरी रही। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने मैदान पर अपने सीनियर्स के लिए पानी ले जाने से साफ मना कर दिया था। हालांकि बाद में सौरव गांगुली ने ऐसा कुछ भी ऐसा ना होने की बात कही थी,सच्चाई क्या थी के कोई नही जानता लेकिन उस मैच के बाद चार सालो तक उन्हें टीम इंडिया से बाहर रहना पड़ा था।

3) 2001 में  इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई सीरीज में गांगुली जब टीम के कप्तान थे तो वो पूरी सीरीज में टॉस के लिए कई बार लेट पहुँचे,जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्टीव वा भड़क उठे थे और उन्होंने गांगुली को घमंडी कह दिया था।
4) 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बंगलूरू को खेले जा रहे एक मैच में गांगुली को अंपायर ने आउट दे दिया लेकिन गांगुली ने अंपायर के डिसिजन को मानने से साफ इंकार कर दिया और वो मैदान पर ही खड़े रहे बाद में उन पर एक मैच का बैन लगा दिया गया था।
 5) 2005 में भारतीय टीम के कोच ग्रेग चैपल से उनका विवाद सुर्खियों में आ गया था। दरअसल चैपल ने गांगुली से अपनी बैटिंग को सुधारने के लिए कह दिया और इससे भड़के सौरव ने अगले ही मैच में शतक जमाया और फिर मीडिया कॉन्फ्रेंस में इस बात को रखा कि चैपल उनके क्रिकेट को खत्म करने पर तुले है। बाद में मामले की शिकायत ग्रेग चैपल ने बीसीसीआई से कर दी और गांगुली को कप्तानी से हटा दिया गया।
6) 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में जीत दर्ज करने के बाद पवेलियन में बैठकर गांगुली ने अपनी टीशर्ट उतारकर जश्न मनाया था। जिसको लेकर काफी हंगामा मचा था। भारतीय लोगो ने जहां उनके इस अंदाज को जोश में किया गया काम बताया था तो वही क्रिकेट पंडितों ने उनके इस कदम को लॉर्ड्स मैदान का अपमान बताया था।

7) 2004 में वो उस वक्त विवादों के घेरे में आए जब आस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में टेस्ट मैच खेलने से मना कर दिया था।  इसके पीछे बताया गया था कि  पिच पर घास बहुत ज्यादा थी जिसके चलते उन्होंने ना खेलने का फ़ैसला किया था। 

8)2008 में आईपीएल के दौरान भी गांगुली और शेन वार्न के बीच जमकर विवाद हुआ था दरअसल शेन वार्न में एक मैच में आरोप लगाया था कि सौरव बैटिंग करने के लिए देरी से मैदान पर आए जिससे राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों को काफी देर इंतजार करना पड़ा। वार्न ने ये भी कहा था कि गांगुली मैच के दौरान अपनी टीम के पक्ष में फैसला देने के लिए अम्पायर पर दबाव बनाते है। 
तो ये थे भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन खिलाडी सौरव गांगुली से जुड़े वो किस्से जिनको आपके सामने रखना हमे बहुत ज़रूरी लगा। दादा की दादागिरी से आप कितने खुश और कितने नाखुश है कमेंट बॉक्स में हमे जरूर बताइएगा।