लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल होते ही शत्रुघ्न सिन्हा ने ये क्या कर दिया

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मशहुर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा भारतीय जनता पार्टी से लंबे वक्त का रिश्ता खत्म कर कांग्रेस में शामिल हो गए है..शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में तो शामिल हो गए लेकिन ऐसा लग रहा है कि उनका बीजेपी से मोह अब तक खत्म नहीं हुआ है…दरअसल, कार्यक्रम के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा की जुबान फिसल गई..हुआ यूं कि जब शत्रुघ्न सिन्हा मंच पर मौजूद कांग्रेस नेताओं को धन्यवाद दे रहे थे. उस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल को बीजेपी की रीढ़ की हड्डी बता दिया..

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वे शक्ति सिंह गोहिल का आभार जताना चाहेंगे जो कि गुजरात और बिहार में भारतीय जनता पार्टी के बैकबोन हैं…इतना कहकर शत्रुघ्न सिन्हा जैसे ही आगे बढ़े कि मंच पर मौजूद कांग्रेसी नेताओं ने उनका ध्यान इस ओर दिलाया तो शत्रुघ्न सिन्हा ने मौके की नजाकत को देखते हुए..अपनी गलती सही करते हुए कहा कि वो अभी कांग्रेस में नए-नए हैं इसलिए ऐसी गलतियां हो रही है…और आज बीजेपी का स्थापन दिवस भी है इसलिए ऐसी गलतियां हो रही है..उन्होंने कहा कि आप सभी इतने परिपक्व हैं कि ये समझ जाएंगे कि ये जानबूझकर नहीं किया गया है..हालांकि गोहिल मंच पर ही सिन्हा के बगल में बैठे थे..

इस मौके पर शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी में आए बदलावों की ओर इशारा करते हुए मोदी और अमित शाह की जोड़ी को खुब खड़ी खोटी भी सुनाई..उन्होंने कहा कि ये पार्टी अब वन मैन शो और टू मैन आर्मी बनकर रह गई है..शत्रुघ्न सिन्हा इस मौके पर लाल कृष्ण आडवाणी को लेकर बहुत भावुक दिखे, शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि आडवाणी जी ने ब्लॉग लिखा, सोचिए उन्हें कितना दर्द हुआ होगा..उन्होंने कहा कि यशवंत सिन्हा को इतना मजबूर किया गया कि उन्होंने पार्टी ही छोड़ दी..डॉ मुरली मनोहर जोशी, अरूण शौरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के मौजूदा नेतृत्व ने कभी संवाद को तवज्जो नहीं दी. उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे अव्यवहारिक फैसले लागू किए गए और जब उन्होंने इनपर सवाल पूछा तो उन्हें बागी कहा गया..शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अगर सच कहना बगावत है तो समझिए कि वो भी बागी हैं..

कहा तो ये भी जाता है कि शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी पार्टी में कोई पद ना मिलने से नाराज थे..जिसके वजह से वो बगावत पर उतरे..और वो बीजेपी में रहते हुए भी अपने पार्टी के बारे में अनाप-शनाप बोलने से नहीं चुके..यही वजह रहा कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी…और अब कांग्रेस का दामन थाम लिए है..

और यहाँ हम आपको ये भी बता दे कि बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे लाल कृष्ण आडवाणी को इस बार लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। आडवाणी की पारंपरिक सीट गांधीनगर से भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्ष अमित शाह को उम्मीदवार बनाया है। विरोधी बीजेपी के इस कदम को आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेता का अपमान बता रहे हैं। गौर करने वाली बात ये भी है कि बीजेपी ने 75 वर्ष पार के नेताओं को चुनाव न लड़वाने की नीति बनाई गई है। आडवाणी को टिकट न मिलना इसी नीति का हिस्सा है। यहां तक कि लालकृष्ण आडवाणी ने अपने हालिया ब्लॉक में लिखा मेरे लिए सबसे पहले देश है, फिर पार्टी और अंत में मैं..फिर भी विपक्ष इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साध रही है..

चुनाव का माहौल है इसलिए राजनीतिक गलियारे में पार्टी बदलने का दौर चल रहा है और ऐसी खबरें आम सी हो गई है..अभी हाल ही में कांग्रेस के कई बड़े नेता ने पार्टी छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया है..इसलिए पार्टी फेरबदल करने का तो खेल चलता रहेगा..बहरहाल..यहां ये देखना दिलचस्प होगा की शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े चेहरे से कांग्रेस के हालात में क्या बदलाव आते है..और शत्रुघ्न सिन्हा का कांग्रेस के साथ राजनीतिक सफर कैसा होता है..