ये रहा एयर स्ट्राइक का सबूत, जो सैटलाइट कैमरे में हुआ कैद

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सरकार के पास बालाकोट में जिस जगह पर हमला हुआ था, वहां की सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) तस्वीरें हैं, जिसमें साफ साफ दिख रहा है कि आतंकियों का अड्डा तबाह हो गया है

हमारा देश भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है . यहाँ सभी को एक सामान अधिकार प्राप्त है सरकार से हर तरह की जानकारी प्राप्त करना काफी सुलभ है और अगर आप उनके किसी भी कार्य की जानकारी लेना चाहते है तो आप बेशक ले सकते है . लेकिन क्या ये ज़रूरी है कि सरकार को अपने हर गतिविधियों का लेखा जोखा देना चाहिए  . कभी कभी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कुछ बातों को गोपनीय रखा जाता है. इस बात से हमारी जनता तो वाकिफ है लेकिन शायद विपक्ष को इतनी समझ नहीं इसलिए तो हर बार हमारी सैन्य गतिविधियों का सबूत मांगती है.

सुचना के अधिकार का सदुपयोग हमारी विपक्ष की पार्टियों ने अच्छा किया है  किया  . क्योकि उन्हें हर कदम पर सबूत चाहिए होता है. वैसे आप सभी तो जानते होंगे की एयर स्ट्राइक के बाद कैसे पाकिस्तान ने अपना पलड़ा झरते हुए यह कहा था कि बालकोट में भारतीय सेना ने खली खेतों में बम गिराय था वहाँ जैश ए मोहम्मद का कोई ठिकाना नही था . वहीं यह खबर वायरल हो रही थी कि जैश ए मोहम्मद ने यह स्वीकार  लिया था कि उनके कैम्पस को भारतीय सेना ने तबाह कर दिया . लेकिन इसके बाद भी हमारे ऑपोजीशन की पार्टियों को सबूत चाहिए .

वैसे धरती पर इतनी हलचल देख कर आसमान से सबूत भेजा गया है . जी हाँ जिस जैश ए मोहम्मद के  ठिकाने को लेकर  पाकिस्तान अपना पलड़ा झार रहा था वही अब भारत सरकार के पास बालाकोट में जिस जगह पर हमला किया गया था, वहां की सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) तस्वीरें हैं, जिसमें साफ साफ दिख रहा है कि आतंकियों के अड्डा तबाह हो गया है.

पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना के पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में एयर स्ट्राइक को लेकर विपक्ष ने सरकार से सबूत मांगा है. 26 फरवरी की सुबह पाकिस्तान के बालाकोट और पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद व चकोटी में वायुसेना के मिराज विमानों ने एयर स्ट्राइक की. IAF के विमानों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर बमबारी कर उसे नेस्तानाबूद कर दिया था.

इसमें कई आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. भले ही पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा हो, लेकिन एयर स्ट्राइक की कुछ सैटेलाइट तस्‍वीरें सामने आई हैं, जो भारत के दावे को सही साबित करती हैं.इन  सैटलाइट तस्वीरों ने एक बार फिर पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफास कर दिया और कही न कहीं विपक्षियों को भी सबूत मिल गया .वहीं इमरान खान के “शान्ति के दूत” वाले तगमे पर भी खतरा मंडरा रहा .