सिंधिया की विदाई को लेकर सचिन पायलट ने तोड़ी अपनी चुप्पी और कह डाली ये बड़ी बात

मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के बीच चल रही आंतरिक कलह ने आखिरकार कमलनाथ सरकार को संकट में डाल दिया. ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत ने पूरी कांग्रेस पार्टी में हलचल मचा दी है. सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना इस्तीफा सोनिया गाँधी को सौंप दिया था और साथ ही उसमें पार्टी छोड़ने की वजह भी बता दी थी. पिछले कई दिनों से कांग्रेस के विधायकों के गायब होने की खबर आ रही थी, जिसके बाद सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और उन्होंने अब बीजेपी ज्वाइन भी कर ली है.

जानकारी के लिए बता दें मध्यप्रदेश में चल रही सियासी हलचल के बीच आखिरकार राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बड़ी बात कह दी है. राजस्थान के युवा कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने ट्वीट करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया की कांग्रेस से विदाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. सिंधिया के जाने के बाद मध्यप्रदेश के कांग्रेस की मुश्किलें तो बढ़ी हुई हैं क्योंकि कमलनाथ की सरकार बचना मुश्किल ही है.

दरअसल मध्यप्रदेश में चल रही इस सियासी हलचल के बाद राजस्थान से सचिन पायलट की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया था तो कुछ लोगों ने राजस्थान को लेकर भी हवा उड़ा दी कि अगला नंबर राजस्थान का, अब सचिन पायलट ने आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) से ज्योतिरादित्य सिंधिया की विदाई दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं चाहता हूं कि पार्टी के अंदर ही आपसी सहयोग से मसले सुलझाए जा सकते हैंं.”

गौरतलब है कि सिंधिया की विदाई के बाद अब कमलनाथ पर संकट के बादल छा रहे हैं. कमलनाथ सरकार को एक साल ही हुआ है और अब उनकी सरकार पर संकट के बादल हैं. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि अगर मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट की नौबत आयी तो क्या कमलनाथ सरकार बहुमत साबित कर पायेगी? अब कांग्रेस के पास 92 विधायक बचे हैं जोकि बहुमत साबित करने के लिए बहुत कम हैं.