तो क्या अब राजनीति में आने को मजबूर हो गये हैं रोबर्ट वाड्रा!

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के जीजा और कांग्रेस माहसचिव प्रियंका वाड्रा के पति राबर्ट वाड्रा की मुसीबत कम होने का नाम नही ले रही हैं. वे लगातार बचने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कोई रास्ता मिलता नजर नही आ रहा है. ईडी के सामने भी पेश हो रहे हैं लेकिन उनकी तरफ से कोशिश रहती हैं कि कम ही आमना सामना करना पड़े… इसके लिए खुद वाड्रा, उनके वकील और कांग्रेस पार्टी सब जोर लगा रहे हैं.. लेकिन ईडी इनका पीछा नही छोड़ रही हैं… रोबर्ट वाड्रा ने मांग की थी कि जिस मामले में ईडी जिन दस्तावेजों के आधार पर उनसे पूछताछ कर रहा है, वो सब उन्हें मुहैया करवाई जाए…


हाल ही रोबर्ट वाड्रा ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के जरिये कहा है कि मुझ पर लगे इन सभी आरोपों के खत्म हो जाने के बाद मुझे लोगों की सेवा करने में एक बड़ी भूमिका समर्पित करनी चाहिए… इसे सीधे तौर पर राजनीति में सक्रीय रूप से एंट्री लेने की संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. इतना ही नही ANI न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में रोबर्ट वाड्रा ने कहा है कि ‘सबसे पहले तो मैं अपने ऊपर लगे तथ्यहीन आरोपों से मुक्त होना चाहता हूं। लेकिन, हां, मैं इस पर काम करना जल्द ही शुरू करनेवाला हूं। इसके लिए किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हूं। लोगों को यह महसूस करना चाहिए कि मैं भी कुछ बदलाव ला सकता हूं… यह सब वक्त की बात है।’
वहीँ एक तरफ सोशल मीडिया पर वाड्रा का पोस्ट और बयान सामने आया वहीँ मुरादाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाड्रा के राजनीति में स्वागत करने के लिए कूद पड़े… ये जहां से ये पोस्टर सामने आये हैं.


ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि रोबर्ट वाड्रा भी सक्रीय रूप से राजनीति में आ ही जायेंगे.. रोबर्ट वाड्रा पर मनी लांड्रिंग को लेकर पूछताछ हो रही हैं. जिसपर रोबर्ट वाड्रा का कहना है कि सरकार सिर्फ उन्हें परेशान करना चाहती हैं.
बता दें कि सात दिसंबर, 2018 को दिल्ली में वाड्रा के कार्यालयों पर छापा मारा था. जहां ईडी कुछ ऐसे दस्ताबेज मिले थे जिससे ईडी को अंदेशा था कि विदेशों में संपत्तियों की कथित खरीद और राजस्थान के बीकानेर में कथित जमीन घोटाला घोटाला हुआ.. इसी मामले में वाड्रा आरोपी हैं.
दरअसल फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ कालाधन और कर क़ानून के तहत केस दर्ज किया गया तो इसका सम्बन्ध मनोज अरोड़ा तक पाया गया जो वाड्रा के करीबी हैं. जब अरोड़ा से पूछताछ हुई तो ईडी को कुछ ऐसी बातें पता चली जिसका अप्रत्यक्ष जुड़ाव वाड्रा के साथ पाया गया. आरोप है कि भंडारी ने 19 लाख पाउंड में जो प्रोपर्टी खरीदी थी, उस पर 65900 पाउंड खर्च करने के बाद उसे उतनी ही रकम में वाड्रा का बेच दिया गया.
जांच एजेंसी ने अब तक वाड्रा से 9 सम्पत्ति को लेकर पूछताछ कर चुकी हैं जिन्हें गैरकानूनी तरीके से यूपीए सरकार के कार्यकाल में खरीदा गया था. इन संपत्ति की कीमत 12 मिलियन पाउंड यानि 110 करोड़ से भी अधिक है.


हालाँकि अब वाड्रा सीधे तौर पर राजनीति में एंट्री करने के संकेत दे रहे हैं और अपने द्वारा किये गये कामों का भी हवाला दे रहे हैं… इमोशनल पोस्ट लिखकर बड़े पैमाने पर लोगों की सेवा करने की बात कर रहे हैं लेकिन इसके लिए वाड्रा सभी आरोपों से मुक्त होने का इंतजार कर रहे हैं.. हालाँकि देखने वाली बात है कि वाड्रा अपने आरोपों से मुक्त होते हैं. क्या ईडी के आरोप सही पाए जायेंगे!
प्रियंका वाड्रा के बाद अब रोबर्ट वाड्रा का सक्रीय राजनीति में आने से कांग्रेस मज़बूत होगी या फिर लोगों के निशाने पर आएगी.. देखने वाली बात है.