बिहार चुनाव में महागठबंधन की मौजूदा हालत को देखते हुए तेज़ हुई सियासत,RLSP ने कोरोना संक्रमण से की तुलना

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बिहार चुनाव को लेकर हर पार्टी में खीं’चता’न मची है. सीट बंटवारे को लेकर हर दिन कुछ न कुछ नया देखने को मिलता है. म’हा’ग’ठबं’धन की बात करें तो उसको पहले ही झ’ट’का लग चुका है. मांझी ने तेजस्वी का साथ छोड़कर नीतीश के साथ हो लिए है. अब ऐसा ही कुछ उपेंद्र कुशवाहा के साथ भी हो रहा है. कुशवाहा महागठबंधन के रवैये से खासा नाराज़ चल रहे है. जिसकी वजह से पिछले तीन दिन से ये कयास लग रहे है कि वो भी एनडीए का दामन थाम सकते है.

बिहार में पिछले दिनो उपेंद्र कुशवाहा नें एक बयान दिया था. जिसके बाद से महागठबंधन की क’ल’ह साफ तौर पर सामने आ गई है. फफ सीट शेयरिंग में देरी से परेशान दल अब मुखर हो कर बोल रहे हैं. महागठबंधन की मौजूदा स्थिति पर बीजेपी प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने कहा कि ‘पहले से ही कह रहे हैं, महागठबंधन में कुछ ठीक नहीं है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, गठबंधन की गां’ठ खुलती चली जाएगी.’

उन्होंने कहा कि ‘विधायकों के बाद मांझी जी ने अलग होने का फैसला लिया है. उपेंद्र कुशवाहा भी आरजेडी से अलग हो रहे हैं. वीआईपी जैसी पार्टियां भी आरजेडी से अलग होने का फैसला ले सकती हैं.’ उसके बाद उन्होने तेजस्वी यादव पर तं’ज कसते हुए रहा है कि वो  ‘किसी को सम्मान नहीं देते हैं. तेजस्वी महागठ’बंध’न में स्वयंभू नेता बने हुए हैं, जिन्हें अपमान की शक्ति है वहीं अब महागठबंधन में रहेंगे.’इसके बाद जेडीयू के प्रवक्ता ने आगे कहा है कि एक पार्टी ने तो महागठबंधन को आई’सी’यू में बताया है. इस बात से ये साफ होता है की महागठबंधन की हालत ठीक नही है.