कैसे थे मन्दाकिनी और दा’ऊद के संबंध

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मन्दाकिनी की खूबसूरती के दीवाने बहुत थे लेकिन दाऊद की दीवानगी भड़ी पड़ी उन्हें. बॉलीवुड में आजतक वापस नहीं जा पाई वो .

प्यार में कुछ गलत सही नहीं होता . प्यार एक ऐसी चीज़ है जिसे शब्दों में पिरोया नहीं जा सकता . इसे तो बस महसूस किया जा सकता है . कहते है कि प्यार एक प्यास है और यह वहीं पनपता है जहाँ खालीपन होता है.तभी तो दुनिया का सबसे ख़ूबसूरत एहसास इसे कहते है. ऐसा कहते है की अगर इंसान प्यार में हो तो सारी  हदें पार कर जाता है.इंसान तो इंसान भगवान भी इस प्रेम से नहीं बचें है. चाहे वो महादेव-सती का प्रेम या राधा-कृष्णा या फिर राम सीता. प्रेम का कोई फेज नहीं होता यह तो बस चलते रहता है .

वैसे बॉलीवुड में भी कुछ ख़ूबसूरत प्रेम कहानियां हुई जिसका अंजाम बहुत खूबसूरत रहा वहीं कुछ ऐसी जिसका अंजाम सोच से परेह है .

आज हम बात करेंगे उस गुमनाम रिश्ते के बारे में जो कहीं धुंधली  सी हो पड़ गई है. जी हाँ हम बात करेंगे राम तेरी गंगा मैली की बिंदास,चुलबुली मन्दाकिनी की और अंडरवर्ल्ड के डॉन दाऊड अब्राहिम के चर्चित प्रेम कहानी की .

ऐसा कहा जाता है कि दोउद इब्राहीम को अगर कोई भी बॉलीवुड की हेरोईन भा जाती थी तो वह उसे पाने के लिए बेचैन हो उठता था. और फिर देबई में उनके लिए बड़ी पार्टियाँ organise करता था.

कहते है कि दाऊद से पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री डरती थी और उसके एक हुकुम पर सब हाजरी लगते थे लेकिन सबको डरा के रखने वाला दाऊद खुद मन्दाकिनी का दीवाना था.

लोग कहते है कि दाऊद मन्दाकिनी की फिल्मों को produce करता था और मन्दाकिनी को फिल्मो में रोले दिलाने के लिए उसका बस एक फ़ोन कॉल काफी हुआ करता था. यह बात मन्दाकिनी को भी पता थी और इसके वजह से वह थोड़ा  attitude    में रहती थी .

लेकिन 12 मार्च 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट के बाद सब बदल गया . दाऊद इब्राहीम को भगौड़ा, देशद्रोही और कुख्यात अपराधी बन गया था . वहीं मन्दाकिनी कहीं गायब हो गई थी . फिर कुछ दिनों बाद यह खबर आई कि वो बैगलोर के किसी फार्म हाउस में रह रही थीं. पुलिस ने उन्हें क्लीन चिट दे दिया था.

लेकिन मन्दाकिनी को दाऊद के साथ सम्बन्ध का बहुत बड़ा खामियाजा भुकतना पड़ा. 1985 में आये राज कपूर की फिल्म “राम तेरी गंगा मैली” से रातों रात चमकी मन्दाकिनी का करियर अँधेरे में डूब गया था .बस उस तस्वीर के कारण जो 1994 में शाहजहा में एक मैच के दौड़ान ली गई थी .जिसके कारण मन्दाकिनी को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था . लेकिन मन्दाकिनी ने सफाई दी थी कि उनको काम की वजह से देश के बाहर जाना पड़ता तो कहीं मुलाकात हो गई होगी.

फिर मन्दाकिनी फिल्म इंडस्ट्री और मुंबई से गायब सी हो गई थी .लेकिन 2004 में अचानक से मन्दाकिनी ने अपने पाती के साथ एक फोटो जारी की . उसमें उनके पति दाऊद नहीं थे बल्कि डॉ० कग्युर टी रिन्पोचे ठाकुर जो की एक आयुर्वेद आउटलेट के मालिक है वहीं मन्दाकिनी तिब्बती योगा क्लासेज चलती हैं . मन्दाकिनी ने 2004 में इस फोटो के साथ एक इंटरव्यू में यह बताया की इनकी शादी 1990  में ही हो गई थीं. और जब उनसे उनके और दाऊद के रिश्ते के बारे में पूछा गया तो पहले वो भड़क गई लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार की उनके सम्बन्ध थ दाऊद के साथ. भले मन्दाकिनी ने बहुत दिनों बाद इस सच को स्वीकार लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में इसकी भनक सबको पहले से थी .

मन्दाकिनी के खूबसूरत चेहरे और नीली आखों के दीवाने लोग बहुत थे लेकिन बस एक दीवाने के चक्कर में मन्दाकिनी का भविष्य सच में मैला हो गया . जहाँ मन्दाकिनी ने जिस नाम से शुरुआत की थी “राम तेरी गंगा मैली” जी हाँ वैसे ही अंत भी ऐसा ही कुछ था. हाँ! उनके नाम को मैला किया गया था, उनके सम्बन्ध ने उन्हे बर्बादी के कगार पे ला खड़ा कर दिया था  . भले आज वह अपने जीवन में बहुत खुश है लेकिन एक गैंगस्टर की गर्लफ्रेंड होने का ठप्पा हमेशा उनके साथ रहेगा .