पुल’वामा हम’ले की बर’सी पर ड’र गया पाकि’स्तान, बोला भारत फिर कर सकता है…

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नरेन्द्र मोदी ने जब से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुए है. उसके बाद से पाकि’स्तान की हवा ख़राब है, उसके दिल में भारत को लेकर खौ’फ बना हुआ है. पाकि’स्तान के ऊपर जबसे भारत ने सर्जि’कल स्ट्रा’इक किया है तबसे पाकि’स्तान के दिल में खौ’फ बना हुआ है, जिसकी वजह से पाकि’स्तान हर वक़्त तना’व में रहता है.

पाकि’स्तान को लगता है कि भारत अगले कुछ दिनों में कोई बड़ी कार्र’वाई कर सकता है. पाकि’स्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आएशा फारूकी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ‘इमरान खान सरकार को इस तरह का ड’र है’ कि भारत कोई बड़ी कार्य’वाई कर सकता है. हालांकि इसका ठोस कारण वो नहीं बता सकीं’ है. फारूकी ने आगे कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप एर्दोगान पाकिस्तान के दौरे पर हैं, इस दौरान भारत ‘गैर जिम्मे’दाराना’ कार्र’वाई कर सकता है.

पाकि’स्तान की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ‘फारूकी ने भारत से एक और ड’र का खुला’सा किया है और वो खुला’सा है ‘अमेरिका के साथ एयर डिफेंस सिस्टम पर होने वाली डील को लेकर’, उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को 1.8 अरब डॉलर में एयर डिफेंस सिस्टम बेचने की मंजूरी दी है जो ठीक नहीं है. पाकि’स्तान के मुताबिक इससे दक्षिण एशिया में हथि’यारों की हो’ड़ शुरू हो सकती है.

दरअसल, भारत ने इससे पहेल S-400 मिसा’इल सिस्टम की डी’ल की है. इसको लेकर अमेरिका ने आप’त्ति जताई थी लेकिन मोदी सरकार टस से मस नहीं हुई. रूस ने यही सौ’दा तुर्की के साथ भी किया है. भारत ने इस प्रणाली के लिए रूस को 6000 करोड़ की पहली किस्त का भुग’तान कर दिया है और अब वह बिना वि’लंब इसे अपने खे’मे में शामिल करना चाहता है. यह मिसा’इल सिस्टम 380 किलोमीटर की रेंड में जे’ट्स, जासू’सी प्लेन, मिसा’इल और ड्रो’न्स की निशा’नदेही ट्रैंक और न’ष्ट कर सकता है. 40 हजार कोरड़ रुपए का ये सौ’दा दुनिया की सबसे बड़ी डि’फेंस डी’ल में शामिल है.

आपको बात दें कि नरेन्द्र मोदी ने जबसे ज’म्मू क’श्मीर से धारा 370 और 35A हटाया है तबसे पाकि’स्तान खौ’फज़दा हो गया है की ऐसा न हो की किसी दिन P’OK पर भारत हम’ला कर के उसको अपने में मिला लें. ये ड’र पाकि’स्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके सारे मंत्री के दिल में बना हुआ है. इसी वजह से पाकि’स्तान कह रहा है कि भारत कभी भी कार्य’वाई कर सकता है.