भारत ने ठुकराई ट्रम्प की मध्यस्थता की पेशकश तो ट्रम्प ने पीएम मोदी को लेकर कही ये बात…

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भारत और चीन के बीच बढे तनाव में अमेरिका भी कूद पड़ा और राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत और चीन के बीच शांति बहाली के लिए मध्यस्थता की पेशकश कर दी. जबकि सच्चाई तो ये है कि इस वक़्त खुद अमेरिका और चीन क बीच के रिश्ते सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं और उनके बीच ही शांति बहाली के लिए मध्यस्थता की जरूरत है. खैर, भारत अपनी सभी मसलों को द्विपक्षीय बातचीत से हल करने की नीति पर चलता है इसलिए ट्रम्प के प्रस्ताव को भारत ने विनम्रता से ठुकरा दिया. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि /हम इसके शांतिपूर्वक समाधान के लिए चीन के संपर्क में हैं. भारतीय सैनिक मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन के साथ हुए द्विपक्षीय समझौतों के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का कठोरता से पालन कर रहे हैं.’ उन्होंने ये भी कहा कि ‘संप्रभुता की रक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. हम भारत की संप्रभुता अक्षुण्ण रखने के प्रति अपने संकल्प में अडिग हैं.’

इससे पहले ट्रम्प ने मध्यस्थता की पेशकश करते हुए कहा था, ‘हमने भारत और चीन, दोनों देशों को सूचित कर दिया है कि अमेरिका उनके बढ़ते सीमा विवाद में मध्यस्थता करने को तैयार, इच्छुक और सक्षम है.’ ये पहली बार नहीं है जब ट्रम्प ने मध्यस्थता की बात की हो. इससे पहले वो कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश भी कर चुके हैं. तब भी भारत ने उनकी पेशकश को ठुकरा दिया था.

भारत द्वारा मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दिए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रतिक्रिया भी आई. ट्रम्प ने कहा इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे मूड में नहीं हैं. उन्होंने वाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘भारत और चीन के बीच एक बड़ा टकराव चल रहा है. मैं आपके प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को बहुत पसंद करता हूं. वह एक महान जेंटलमैन हैं. भारत-चीन में बड़ा विवाद है. दोनों देशों के पास तकरीबन 1.4 अरब आबादी है. दोनों देशों की सेनाएं बहुत ही ताकतवर हैं. भारत खुश नहीं है और मुमकिन है कि चीन भी खुश नहीं है.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत-चीन के बीच सीमा पर चल रहे तनाव से वह चिंतित हैं तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं आपको बता रहा हूं कि मैंने पीएम मोदी से इस बारे में बात की है. चीन के साथ जैसा चल रहा है, उसको लेकर वह अच्छे मूड में नहीं हैं.’