अगर इन बैंकों में हैं आपके पैसे तो आपके लिए है बुरी खबर, RBI ने उठाया ये बड़ा कदम

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आज देश कोरोना वायरस की वजह से पूरी तरह लॉक डाउन हो रखा हैं. जिसकी वजह से आज देश की इकनोमी रेंगती हुए नजर आ रही हैं. इन सबके बीच आज रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने मुंबई की सहकारी बैंकों पर प्र’तिबन्ध लगा दिया हैं और कुछ बैंकों का लगाया हुआ प्रति’बन्ध आगे बढ़ा दिया है.  

भारतीय रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंक ‘दि नीड्स ऑफ लाइफ को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड’ पर लागू प्र’तिबं’धों को और छह माह के लिये बढ़ा दिया. बैंक पर ये प्र’तिबं’ध अब 31 अक्टूबर तक लागू रहेंगे. रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2018 में इस बैंक पर छह माह के लिये प्र’तिबं’ध लगाया था. बैंक किसी भी तरह का कोई लोन न दे सकती थी और न ही कोई अपनी लोन को नए तरीके से अपने कस्टमर तक पहुंचा सकती थी. उसकी इन सभी गतिविधियों पर रिज़र्व बैंक ने प्र’तिब’न्ध लाग दिया था. इस बै’न को दो बार आगे बढ़ाया जा चूका है.

रिज़र्व बैंक उन बैंकों को लेकर अपने आदेश में कहा है कि ‘उसके द्वारा 26 अक्टूबर 2018 को जारी किये गये निर्देश बैंक पर और छह माह (30 अप्रैल 2020 से 31 अक्टूबर 2020) तक लागू रहेंगे. एक अन्य वक्तव्य में रिजर्व बैंक ने कहा है कि मडगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मार्गांव, गोवा पर लागू प्र’तिबं’धों को भी 3 माह बढ़ाकर 2 अगस्त तक कर दिया गया है. बैंक पर लागू प्र’तिबं’ध 2 मई 2020 को समाप्त हो रहे थे.’

रिज़र्व बैंक ने इससे पहले  कुछ बैंकों पर प्रति’बं’द लगया था जिनके नाम है कोलकाता महिला कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, इस बैंक पर कैश निकासी और अन्य प्रति’बं’धों को छह माह के लिए बढ़ा दिया है. यह प्र’तिबं’ध 10 जनवरी 2020 से 9 जुलाई 2020 तक प्रभावी रहेंगे. पिछले साल जुलाई में केंद्रीय बैंक ने इस कोऑपरेटिव बैंक पर लोन-एडवांस देने या रिन्यू करने, किसी भी तरह का निवेश, कोई भी लाय​बिलिटी उठाने, आरबीआई की लिखित अनुमति के बिना नया ​डिपॉजिट या कोई भुगतान करने पर रोक लगाई थी. RBI ने जमाकर्ताओं को सिर्फ 1,000 रुपये तक की निकासी करने की मंजूरी दी थी.

पिछले महीने आरबीआई ने यस बैंक पर प्र’तिबं’ध लगा दिया था. ये सब कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि जिन बड़ी-बड़ी हस्तियों ने बैंकों को चुना लगाया हैं. उन सभी पर कसनी कस सकें. कुछ बैंक रिज़र्व बैंक की गाइडलाइन्स की अनदेखी करती हैं. लेकिन अब इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता हैं. जिस बैंक ने ऐसा किया.आज मुंबई की कुछ सहकारिता बैंक पर लगा प्रतिबंध इसी वजह से बढ़ा दिया गया हैं.