NDTV के न्यूज रूम में लादेन की तस्वीर, अब रवीश कुमार बताएंगे वो लादेन नही गालिब है

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रवीश कुमार पत्रकारिता जगत का जाना माना नाम है. जिसको आज के वक़्त में जो इंसान न्यूज़ या टेलीविज़न देखता है वो जरुर जानता होगा. रवीश कुमार को शायद ही ऐसा कोई हो जो न जानता हो. रवीश कुमार अपने काम के लिए जाने जाते है. एक और भी खासियत है उनके अंदर वो अक्सर मोदी सरकार पर तं’ज कसते रहते हैं. मोदी सरकार और रवीश कुमार के बीच तो 36 का अक’ड़ा चलता रहता है. उसका एक कारण ये भी है कि रवीश कुमार NDTV पर प्राइम टाइम में अपना शो लाते है. उस शो में वो सिर्फ मोदी को गा’लि’याँ देते है और सरकार को लेकर एक भ्र’म फैलाते हुए नजर आते हैं. जैसे अभी की बात करें तो CAA को लेकर  लोगो को भट’का रहें है.

रवीश कुमार को मोदी सरकार से इतनी नफ’रत क्यों है? ये शायद रवीश कुमार जानते होंगे. आपको बता दें CAA को लेकर दिल्ली के JNU, जामिया यूनिवर्सिटी में दं’गे हुए वहां पर भी जाकर रवीश कुमार ने आ’ग उग’ली और दंगा भड़’काने की पूरी कोशिश की यही एक कारण है कि शाहीन बाग में दं’गा’इयों को बैठाने का काम NDTV के तथा’कथि’त पत्रकार रवीश कुमार का ही लग रहा है. वहां पर रवीश के अलवा कोई और रिपोर्टिंग करने नहीं जा सकता था क्यों? क्या शाहीन बाग देश का हिस्सा नहीं था.? या किसी और मीडिया चैनल को जाने की इ’जाज’त नहीं थी. शाहीन बाग में सिर्फ रवीश कुमार जा सकते थे क्योकि उनको और जो लोग वहां ध’रने पर बैठे थे वो सब सिर्फ CAA के वि’रोध में भ्र’म फैला रहे थे और दिल्ली को ज’ला’ना चाहते थे. जिसमे वो कामयाब भी हो गए.

आपको बताते है कि NDTV के अंदर का सच क्या है? NDTV चैनल के अंदर एक टेबल पर जब एक पत्रकार ने देखा तो वो भौ’च’क्का सा रह गया. NDTV के अंदर मेज पर एक तस्वीर रखी थी और वो तस्वीर न महत्मा गाँधी की थी न किसी महापुरुष की वो तस्वीर थी एक खौ’फ’नाक आतं’क’वादी ‘ओसामा बिन लादेन’ की. इस तस्वीर को NDTV के अन्दर एक मेज पर रखी हुई दिखी. ये तस्वीर बहुत सी चीज़े साफ़ करती है और बताती है कि NDTV के अंदर लोगो की विचा’रधा’रा कैसी है. और रवीश कुमार बोलते है कि मीडिया चैनल्स बीके हुए है वो सब मोदी की मीडिया है.

मतलब ये है कि रवीश कुमार सीधे-सीधे कहना चाहते हैं कि सारी दुनिया झूठी है बस एक रवीश कुमार ही परम सत्यवादी है. रवीश कुमार खुद को राजा हरीशचन्द्र के अवतार जैसा समझते हैं. लेकिन लोग कहीं न कहीं समझ  चुके है कि रवीश कुमार की मानसकिता क्या है? रवीश कुमार की भी वि’चा’रधारा साफ़ नजर आ रही है कि वो देश के अन्दर किस तरह की पत्रकारिता कर रहे हैं. अपनी इस पत्रकारिता से वो सिर्फ देश के अंदर ज’ह’र फैला रहें है. रवीश कुमार के लिए बाकि सारे मीडिया चैनल्स झूठे है. जाहिर सी बात है रवीश कुमार तो किसी की नहीं मानेंगे. क्योंकि रवीश कुमार खुद के अलावा सबको गोदी मीडिया मानते है.