शहीद रतनलाल का परिवार बैठा धरने पर, कि ये मांग

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बीते तीन दिनों से देश की राजधानी दिल्ली हिं’सा की आ’ग में ज’ल रही है. लोग CAA के वि’रोध प्र’दर्शन के नाम पर हिं’सा पर उतर आये हैं जिसकी वजह से पुरे दिल्ली शहर में त’नाव का माहौल बन गया हैं. वहीं दिल्ली के चार इ’लाकों में क’र्फ्यू भी लगा दिया है और 1 महीने के लिए दिल्ली शहर में धा’रा 144 भी लगा दी हैं. जिसके का’रण अब दिल्ली के लोग अपने ही घरो से बाहर निकलने में ड’रने लगे हैं. वही इस मा’मले पर वि’रोधी पार्टियां सि’यासत करने में लगी है.

बता दें सोमवार को हुई हिं’सा में 7 लोगों सहित 1 हेड कांस्टेबल रतनलाल की मौ’त हो गयी थी. और कुछ लोग बु’री तरह घा’यल भी हो गए थे. हेड कांस्टेबल रतनलाल को दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने क’न्धा देते हुए उन्हें अं’तिम वि’दाई दी. लेकिन अब रतनलाल के परिवार उनके अं’तिम सं’स्कार को करने के लिए तैयार नहीं हैं. बता दें उनके परिवार की मां’ग हैं कि जब तक हेड कांस्टेबल रतनलाल को श’हीद का द’र्जा नहीं दिया जायेगा तब तक वो उनका अं’तिम सं’स्कार नहीं करेंगे. कांस्टेबल रतनलाल को उनके पै’तृक गाँव फतेहपुर शेखावाटी के तिहावली ले जया गया है जहाँ उनका अं’तिम सं’स्कार होना है.

हेड कांस्टेबल रतनलाल की मौ’त भजनपुरा में हिं’सा के दौरान चो’ट लगने की वजह से हो गयी. रतनलाल की खबर मिलते ही उनकी पत्नी का बुरा हा’ल हो गया. जिसके बाद से अब उनका परिवार और गाँव के सभी लोग ध’रने पर बैठ गए हैं और उनको श’हीद का द’र्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं. वहीं राजस्थान के सीकर जिले के पुलिस कमिश्नर ने लोगो से बात की है और उनको ध’रने से हटने के लिए अपील की है.

रतनलाल की मौ’त के बाद उनके परिवार पर दु’खों का पहाड़ उमड़ पड़ा हैं अपने पीछे रतनलाल तीन छोटे बच्चे और पत्नी को छोड़ गए. वहीं उनके परिवार की आ’र्थिक स्थि’ति भी ना’जुक थी. जिसके बाद अब उनके परिवार का क्या होगा ये तो कोई नहीं बता सकता लेकिन इस हिं’सा में  एक हसता खेलता परिवार उजाड गया. बच्चो के सिर से पिता का हाथ उठ गया और पत्नी का जीवन भी पति के जाने के बाद से बे’रंग हो गया.