बीमार थे श’हीद रतन लाल लेकिन फिर भी डटे रहे दं’गा’इयों के सामने

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CAA को लेकर उत्तर पूर्वी दिल्ली में चल रहा वि’रोध प्रद’र्शन हिं’सक हो गया है. अभी तक प्रद’र्शन के बीच किसी पुलिस वाले की मौ’त की खबर या किसी आम जनता के मर’ने की खबर नहीं आई थी. लेकिन सोमवार के दिन दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल जो वहां उस समय दं’गे के वक़्त ड्यूटी पर तैनात थे. मौजपुर में हजारो लोग सड़क पर उतर आयें है और तो’ड़फो’ड़ करते हुए वहां पर आ’गज’नी भी शुरू कर दी. इस हिं’सक प्रद’र्शन को रोकने के लिए रतन लाल सामने आये और उनको पत्थर लग गया जिसकी वजह से उनकी मौ’त हो गई.

बता दें की खबर ये भी आ रही है कि जिस वक़्त रतन लाल हिं’सा के बीच ड्यूटी पर तैनात थे. उस समय उनको बुखार था. लेकिन उसके बौजूद भी उन्होंने ड्यूटी करना मुना’सिब समझा और हिं’सा को रोकने के लिए वो बीच में कूद आये. ताकि वहां पर शांति व्यवस्था बनी रहें. लेकिन वहां पर मौजूद लोगों ने उनपर प’त्थर से वा’र कर दिया जिसकी वजह से उनकी जा’न चली गई.

हिं’सा में रतन लाल की मौ’त की खबर सुनते ही उनके पूरे परिवार में मा’तम छा गया.  रतन लाल का परिवार दिल्ली के अमृत विहार इलाके में रहता है. दिल्ली के हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौ’त के बाद पता चला की उनके घर की माली हा’लत भी सही नही थी. रतन लाल अपने पीछे पत्नी पूनम, दो बेटी और एक 9 साल का बेटा छोड़ गए है. एक तरफ ये भी कहा जा सकता है कि रतन लाल की कच्ची ग्रहस्थी थी. आप अनुमान लगा सकते हो की परिवार के मुखिया के अचानक से चले जाने के बाद परिवार की क्या हालत हो सकती है.

रतन लाल के जाने के बाद उनका पूरा परिवार अ’नाथ हो गया है किसी ने पति खोया है और किसी ने अपने पिता को खोया है. उस मासूम बच्चे से पूछो जिसके ऊपर से बचपन में पिता का साया चला गया हो. उस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. रतनलाल के परिवार के लिए यह एक बहुत बड़ी संघर्ष की स्थिति है जिससे उभर पाना शायद ही उनके परिवार के लिये आसन हो.